अपने देश के लिए सोचते थे कलाम साहब:
मिसाइल मैन और देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का भले ही निधन हो गया हो लेकिन यह महान वैज्ञानिक अपनी महान वैज्ञानिक कार्यों और शानदार विचारों के कारण सदैव अमर रहेंगे।
भारत को विकसित देश बनाने का सपना तो कई लोगों ने देखा होगा लेकिन जिस व्यक्ति ने सही मायने में इसके लिए जरूरी चीजों के बारे में जानकारी दी वह कलाम ही थे। उनके नेतृत्व में 500 एक्सपर्ट्स की एक टीम ने डिपार्टमेंट ऑफ साइंसेज ऐंड टेक्नॉलजी के तहत इंडिया विजन 2020 के नाम से पहला डॉक्यूमेंट तैयार किया था, जिसमें पहली बार किसी ने सन 2020 तक भारत को एक विकसित देश के रूप में डिवलेप करने का सपना देखा गया था।

बाद में कलाम ने इंडिया 2020: ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम नाम से इस पर किताब भी लिखी। (India 2020: A Vision for the New Millennium)
आइए जानते हैं कि कलाम ने 2020 तक भारत को विकसित बनाने के लिए जिन पांच अहम बातों पर जोर दिया था वे कौन सी थी।
1. कृषि और फूड प्रोसेसिंगः उनका कहना था कि देश को खेती और फूड प्रोसेसिंग का उत्पादन दोगुना करने की जरूरत है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चरः देश को विकसित बनाने के लिए इसके लिए विद्युतीकरण को गांवों तक ले जाना और सोलर पावर को बढ़ाना जरूरी है।
3. शिक्षा और स्वास्थ्यः देश से अशिक्षा को खत्म करना, सामाजिक सुरक्षा और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना शामिल है।
4. इंफॉर्मेशन ऐंड कम्युनिकेश टेक्नॉलजी और शिक्षा के क्षेत्र में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, टेलिकम्युनिकेश और टेलिमेडिसिन जैसी टेक्नॉलजीज को बढ़ावा देना।
5.न्यूक्लियर टेक्नॉलजी का विकास, स्पेस टेक्लॉलजी और डिफेंस टेक्लॉनजी को मजबूत बनाना।
कलाम साहब का राजनीतिक जीवन:
डॉक्टर अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इन्हें भारतीय जनता पार्टी समर्थित एनडीए घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था जिसका वामदलों के अलावा समस्त दलों ने समर्थन किया।
18 जुलाई 2002 को डॉक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा भारत का राष्ट्रपति चुना गया था और इन्हें 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई। इस संक्षिप्त समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। इनका कार्याकाल 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ।
डॉक्टर अब्दुल कलाम व्यक्तिगत ज़िन्दगी में बेहद अनुशासनप्रिय हैं। इन्होंने अपनी जीवनी ‘विंग्स ऑफ़ फायर’ भारतीय युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करने वाले अंदाज में लिखी है।
इनकी दूसरी पुस्तक ‘गाइडिंग सोल्स- डायलॉग्स ऑफ़ द पर्पज ऑफ़ लाइफ’ आत्मिक विचारों को उद्घाटित करती है इन्होंने तमिल भाषा में कविताऐं भी लिखी हैं। यह भी ज्ञात हुआ है कि दक्षिणी कोरिया में इनकी पुस्तकों की काफ़ी माँग है और वहाँ इन्हें बहुत अधिक पसंद किया जाता है।
आई एन एस सिंधुरक्षक राष्ट्रपति कलाम:
यूं तो डॉक्टर अब्दुल कलाम राजनीतिक क्षेत्र के व्यक्ति नहीं थे लेकिन राष्ट्रवादी सोच और राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की कल्याण संबंधी नीतियों के कारण इन्हें कुछ हद तक राजनीतिक दृष्टि से सम्पन्न माना जा सकता है। इन्होंने अपनी पुस्तक ‘इण्डिया 2020’ में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया। यह भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर राष्ट्र बनते देखना चाहते थे।
परमाणु हथियारों के क्षेत्र में यह भारत को सुपर पॉवर बनाने की बात सोचते रहे। कलाम विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी तकनीकी विकास चाहते थे। डॉक्टर कलाम का कहना था कि ‘सॉफ़्टवेयर’ का क्षेत्र सभी वर्जनाओं से मुक्त होना चाहिए ताकि अधिकाधिक लोग इसकी उपयोगिता से लाभांवित हो सकें।
ऐसे में सूचना तकनीक का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। वैसे इनके विचार शांति और हथियारों को लेकर विवादास्पद रहे हैं। इस संबंध में इन्होंने कहा है- “2000 वर्षों के इतिहास में भारत पर 600 वर्षों तक अन्य लोगों ने शासन किया है। यदि आप विकास चाहते हैं तो देश में शांति की स्थिति होना आवश्यक है और शांति की स्थापना शक्ति से होती है। इसी कारण मिसाइलों को विकसित किया गया ताकि देश शक्ति सम्पन्न हो।”
पुण्यतिथि पर देशवासियों का सादर नमन!







