
यह अजीब इत्तेफाक है या रामपुर की राजनीतिक कमजोरी, कोसी नदी पर लालपुर गांव में पुल बनाने के लिए बजट नहीं मिला और वहीं चार किलोमीटर दूर उसी नदी पर पुल है तो किसी नेता ने सड़क नहीं बनवाई. कसूर नेता का नहीं रामपुर की सीधी साधी अवाम का है. जो दर्द सहती है और फिर इन नेताओं को वोट देकर ताकतवर बना देती है. अवाम को फिर भी सहनी पड़ती है पीड़ा. क्या पूर्व सांसद जया प्रदा ने प्रानपुर में नदी पर पुल बनवाकर गुनाह किया. जो उनके बाद के नेताओं ने सड़क बनवाने की जहमत नहीं उठाई. ऊपर से इसी रास्ते पर एक जनप्रतिनिधि ने अपने बाग और डेरे के आगे खाई खुदवाकर यह साबित कर दिया कि इस जनतंत्र में भी एेसे लोग मौजूद हैं. जोकि इस लायक नहीं।
akhilesh sharma







