- कश्मीर में आर्टिकल 35A किसी भी कीमत पर हटने नहीं देंगे: महबूबा मुफ्ती
- कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कश्मीर में आर्टिकल 35A हटाने से लोग हो जायेगे बेरोजगार
नई दिल्ली,03 अगस्त 2019: कश्मीर में आखिर क्या होने वाला है कि वहां की अवाम इतनी डरी हुयी क्यों है मोदी साहब का आखिर क्या मास्टर प्लान है, कश्मीर में आर्टिकल 35A आखिर क्यों हटाना चाहती है मोदी सरकार? यह डर की तस्वीर आज वहां की अवाम पर किसी भी समय देखी जा सकती है!
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को कश्मीर घाटी छोड़ने संबंधी सरकार के मशविरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिम बहुल उस राज्य के लोगों के दिल जीतने में विफल रही जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर दिया और धर्मनिरपेक्ष देश को चुना।
कश्मीर पर स्थिति स्पष्ट करे सरकार:
महबूबा ने ट्वीट कर कहा, मुफ्ती साहब हमेशा कहते थे कि जो कुछ भी कश्मीरी चाहेंगे वह उनके अपने देश भारत का होगा। लेकिन आज वही देश अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए जो कुछ भी बचा है, उसे लूटने की तैयारी करता दिख रहा है।
मुफ्ती ने कहा, आप (केंद्र) उस इकलौते मुस्लिम बहुल राज्य के लोगों का दिल जीतने में विफल रहे हैं जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर दिया तथा धर्मनिरपेक्ष देश को चुना।
हमारी जान की कोई कीमत ही नहीं रह गई है : फैसल
नई दिल्ली,03 अगस्त 2019: अमरनाथ तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को अपनी यात्रा में कमी करने और कश्मीर घाटी छोड़ने के सरकार के मशविरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के टॉपर से राजनेता बने शाह फैसल ने सवाल किया कि क्या सरकार स्थानीय लोगों के लिए ऐसा ही कोई मशवरा जारी करने पर विचार कर रही है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) के अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या कश्मीरियों को भी पलायन कर किसी दूसरे स्थान पर चले जाना चाहिए या फिर हमारी जान की कोई कीमत ही नहीं रह गई है। फैसल ने अपने ट्वीट में कहा, जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षा खतरे को देखते हुए पर्यटकों एवं अमरनाथ तीर्थ यात्रियों तुरंत कश्मीर छोड़ने को कहा है। क्या सरकार स्थानीय लोगों के लिए भी ऐसा ही मशविरा जारी कर रही है?
मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक
कांग्रेस ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के हालिया घटनाक्रमों से राज्य के लोगों में असुरक्षा और डर का माहौल पैदा हो रहा है। इस विषय में पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस के कश्मीर पर बने कोर ग्रुप की बैठक उनके निवास पर हुई। इसमें महासचिव गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता डा.कर्ण सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में धारा 370 और 35(ए) को हटाए जाने की चर्चा से उत्पन्न स्थिति के विषय में भी बात की गई।
जम्मू-कश्मीर में डर का माहौल पैदा हो गया है: गुलाम नबी आजाद
बैठक के बाद कांग्रेस ने बयान जारी करके कहा कि सरकार को जम्मू कश्मीर से आ रही अफरातफरी वाली रिपोर्ट पर अविलम्ब स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। महासचिव गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों से कहा कि जम्मू-कश्मीर में डर का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए जारी परामर्श एवं अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। आजाद ने कहा कि इस प्रदेश को मिली संवैधानिक गारंटी बरकरार रखी जानी चाहिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था करने, अमरनाथ यात्रा में कटौती करने, पर्यटकों, तीर्थ यात्रियों और दूसरे लोगों के लिए परामर्श जारी करने से गहरी असुरक्षा और डर का माहौल पैदा हो रहा है।







