मन में जो है साफ़- साफ़ बोल देना चाहिए, क्योंकि सच बोलने से फैसले होते हैं और झूठ बोलने से फासले बढ़ते हैं।
कर्तव्य ही ऐसा आदर्श है जो कभी धोखा नहीं दे सकता।
और
धैर्य ही एक ऐसा कड़वा पौधा है जिस पर फल हमेशा मीठे आते हैं।

वक्त और अपने जब दोनों एक साथ चोंट पहुंचाते हैं तो इंसान बहार से ही नहीं अंदर से भी पत्थर बन जाता हैं।
बदल जाते हैं वह लोग वक्त की तरह, जिन्हें हद से ज्यादा वक्त दिया जाता है।

अपने काम से काम रखना इस दुनिया का सबसे मुश्किल काम बन चुका है।
जिस शक्श को आप सबसे ज्यादा ख़ास समझों अक्सर वही आपको सबसे ज्यादा दुःख देता है।
पैसे की खनक सत्य को चुप करा देती है।
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती बल्कि जरुरत की होती है जब जरुरत ख़त्म हो जाती है तो इज्जत भी ख़त्म हो जाती है।







