कन्नौज/औरैया : प्रेम की मिसाल बनी एक जोड़ी की कहानी गांव-गांव में रुला रही है। पत्नी की मौत के सदमे से टूटे पति ने अंतिम विदाई के वक्त पत्नी की मांग में सिंदूर भरते हुए ही दम तोड़ दिया। दोनों पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
पत्नी की बीमारी और अंतिम रात
महबापुर गांव निवासी श्यामल दास (40) की पत्नी पिंकी (35) चार साल से टीबी की बीमारी से जूझ रही थीं। कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार शाम उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली।
श्यामल दास पूरे रात पत्नी के शव के पास बैठे रहे। कभी उनका चेहरा देखते, कभी हाथ थामकर रोते और कहते, “तुम मुझे ऐसे अकेला छोड़कर कहां जा रही हो, तुम तो मेरे बिना एक पल भी नहीं रहती थीं।” गांव वाले इस दृश्य को देखकर खुद आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
सिंदूर भरते वक्त हुआ हादसा
मंगलवार सुबह पिंकी के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। जब श्यामल दास पत्नी की मांग में सिंदूर भर रहे थे, तभी वे अचानक लड़खड़ाए और गिर पड़े। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी की मौत का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाए।
गांव में छाया मातम
दोनों पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक साथ नदी किनारे किया गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि श्यामल दास पिंकी से बेहद प्यार करते थे। बीमारी के दौरान उन्होंने उनकी खूब सेवा की और हमेशा कहते थे कि पिंकी के बिना वे जी नहीं पाएंगे।
श्यामल दास के ससुर राममोही और अन्य परिजनों ने पूरे इंतजाम किए। श्यामल के छोटे भाई सुनील ने बताया कि दोनों का साथ जीवन में था और अब अंतिम यात्रा में भी साथ है।
बता दें कि यह घटना प्रेम की गहराई और जीवन की नाजुकता की याद दिलाती है। गांव वाले अब भी इस हृदयविदारक घटना को याद कर आंसू बहा रहे हैं।






