नई दिल्ली/लखनऊ, 25 जुलाई 2026 : देश के करोड़ों युवाओं की एकजुट ताकत के आगे मोदी सरकार को झुकना पड़ा। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया।
युवाओं के जज्बे ने तोड़ा सरकार का अहंकार
संजय सिंह ने कहा, “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” उन्होंने संघर्षरत युवाओं के जज्बे को सलाम करते हुए बधाई दी। मोदी सरकार के 12 साल के शासन में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री को जन-दबाव में इस्तीफा देना पड़ा। संजय सिंह ने इसे “देश के करोड़ों युवाओं की ऐतिहासिक जीत” करार दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यापक प्रदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए अधिकारियों की बर्खास्तगी जैसी बड़ी सफलता दिलाई।
“पहले किसान, अब नौजवान – अहंकार की दो हार”
संजय सिंह ने याद दिलाया कि यह मोदी सरकार के 12 साल में दूसरी बार है जब जनता की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा – पहले किसान आंदोलन में और अब युवाओं के सामने। उन्होंने जोर देकर कहा कि लंबे समय से युवा जवाबदेही की मांग कर रहे थे और अंततः उनकी शक्ति ने सरकार को कुंभकरण की नींद से जगाया।
बाकी मांगें अभी बाकी:
- 21 शहीद छात्रों को 1 करोड़ मुआवजा
- संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि संघर्ष अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से दो प्रमुख मांगें दोहराईं:
- मृतक 21 छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
- प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
जंतर-मंतर की आवाज बनी देशव्यापी तूफान
सांसद ने जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहे आंदोलन और पूरे देश में फैले युवा समर्थन का जिक्र किया। उन्होंने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके जैसे युवा नेताओं के अनशन और संघर्ष की सराहना की।
अब लक्ष्य रोजगार की गारंटीसंजय सिंह ने युवाओं से अपील की कि पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुई यह लड़ाई अब रोजगार की गारंटी तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “हर हाथ को काम और हर युवा को रोजगार मिले, यही असली जवाबदेही है।”
संजय सिंह का संदेश:
युवा अपनी इस अपार ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और सरकार को लगातार जवाबदेह बनाते रहें।
यह आंदोलन साबित करता है कि जब देश का युवा जाग जाता है, तो कोई भी सरकार अनसुनी नहीं कर सकती।







