वाराणसी, 25 जुलाई 2026 : प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक क्षण है।
सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक क्षण : मंत्री
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “यह भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक क्षण है।”
शांति और ज्ञान का प्रतीक
मंत्री ने आगे कहा कि सारनाथ शांति, ज्ञान और करुणा का शाश्वत प्रतीक है। यह मानवता के लिए भारतीय सभ्यता के गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक योगदान को पूरी दुनिया के सामने रखता है।
भगवान बुद्ध ने यहीं अपने प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिए थे। सारनाथ अब औपचारिक रूप से विश्व स्तर पर संरक्षित धरोहरों की सूची में शामिल हो गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही इसकी ऐतिहासिक गरिमा भी और उजागर होगी। फिलहाल यह खबर पूरे देश में उत्साह का माहौल बना रही है







