सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों पर लागू होगा यह निर्देश, इसके लिए डॉक्टरों से भरवाया जा रहा बॉन्ड
लखनऊ,24 सितम्बर 2019: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाले हर डॉक्टर के लिए गांवों में दो साल काम करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रदेश में पीजी (एमएस व एमडी) करने वालों को भी एक वर्ष तक गांव में सेवाएं देनी होगी।
इस मौके पर सोमवार को मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के 40 लाभार्थियों को उपहार दिये व हॉस्पिटल बुकलेट व कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) की पहली वर्षगांठ पर यहां पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए इन डॉक्टरों से बॉन्ड भरवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस या फिर एमडी व एमएस करने वालों को ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए काम करना जरूरी होगा, इसके साथ ही इंटर्नशिप के लिए भी सरकार को कोई मजबूर नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर एवं रायबरेली एम्स में ओपीडी सेवा तथा एमबीबीएस में प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। 15 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 7 मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई प्रारम्भ हो गयी है।






