अखिलेश यादव ने साम्प्रादायिक सौहार्द्र बनाने की अपील
लखनऊ, 09 नवम्बर, 2019: रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद का निर्णय भारत वर्ष के इतिहास में एक ऐतिहासिक निर्णय के रूप में याद रखा जाएगा। ये बातें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कही। उन्होंने कहा कि इस विवाद में 1986 से समाजवादियों का यही पक्ष रहा है कि यह विवाद दोनों समुदायों के बीच बातचीत से तय हो जाया या इस संबंध में न्यायालय का निर्णय मान्य हो। चूकि बातचीत से इस समस्या का समाधान संभव नहीं हो सका। इस कारण उच्चतम न्यायालय को अपना निर्णय सुनाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष जैसे महान प्रजातांत्रिक देश में जो प्रणाली हमारे संविधान निर्माताओं ने बनाई थी, उसके अनुसार उच्चचतम न्यायालय के द्वारा दिया गया आदेश हमारे देश के सभी लोगों पर बाध्य होता है और हमें मानना है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को भी सारा देश उसी प्रकार से स्वीकार करेगा, जिस प्रकार संविधान में उच्चतम न्यायालय को यह अधिकार दिया गया है।

वास्तव में इस निर्णय को हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप और प्रजातंत्र को सुदृढ़ करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। चूकि पक्षकार निर्णय के बारे में पहले से कहते रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय जो भी होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। अत: हम यह आशा करते हैं कि देश के सभी लोग शांतिपूर्ण वातारववरण सौहार्द बनाये रखेंगे और किसी भी समुदाय के लोग कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे, जिससे दूसरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे या किसी प्रकार से साम्प्रादयिक तनाव पैदा होे।







