- मैं वर्षा करवाता हूँ,
मानव का भाग्य विधाता हूँ।
फल, फूल, लकड़ी, औषधि देता,
ऑक्सीजन का जन्म दाता हूँ।।
2. करता हूँ मैं तेरी भलाई,
मुझको गले लगाओ भाई।
सबको प्राण वायु देता हूँ,
मुझे न काटो मेरे भाई।।
3. मीठा-मीठा प्यारा हूँ,
सभी फलों से न्यारा हूँ।
लाल-लाल उगते सूरज-सा,
विटामिनों से भरा पिटारा हूँ।।
4. गोल-गोल मेरा आकार,
हलवाई का मैं हूँ यार।
मोतीचूर आगरे वाला,
मेरे नाम का कई प्रकार।।
5. मुझ पर होता सबको नाज,
मेरे सिर पर सुन्दर ताज।
लगातार जो मुझको खाता,
होता उसको दाद और खाज।।
6. मँहगाई की पहन के ताज,
आई हूँ बाज़ार में आज।
मुझसे कोई न भाव पूछता,
तंग है मुझसे सकल समाज।।
- आनंद कुमार ‘सुमन’
उत्तर: 1 जंगल 2 पेड़ 3 सेब 4 लड्डू 5 बैगन 6 प्याज







