सोनी सब के ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में जफ़र अब सारे जिन्ने को अपने वश में करेगा क्योंकि अली का सच अधर में लटक गया है। यास्मीन (अवनीत कौर) के हाथों से राज्य खोने के बाद, जफ़र (आमिर दल्वी) अली (सिद्धार्थ निगम) का सच ढूंढने के मिशन पर है, क्योंकि वह यास्मीन को रानी बनने के संघर्ष में उसका साथ देता हुआ नज़र आता है। आगामी एपिसोड में दिखाया जायेगा कि जफ़र अपनी खतरनाक बहन जहर-उ-निशा (दिव्यांगना जैन) के साथ मिल गया है और अली का सच बाहर लाने और उसे हमेशा के लिये बर्बाद करने के लिये एक बड़ा षड्यंत्र रचता हुआ नजर आयेगा। दर्शकों को खुद को तैयार कर लेना चाहिये, क्योंकि सोनी सब के ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में जफ़र का सबसे शैतानी चेहरा देखने को मिलने वाला है।
अली उर्फ अलादीन और उसकी टोली जिनू (राशूल टंडन) के चिराग को ढूंढने निकले हैं, ताकि वह पूरी तरह से जफ़र के चंगुल से बाहर आ सके। वहीं, दूसरी तरफ जफ़र को अली पर पूरी तरह शक होने लगा है कि वह रानी बनने में यास्मीन की मदद क्यों कर रहा है? जहर-उ-निशा, जोकि जादुई औषधि बनाने में माहिर है, वह अली का सच बाहर लाने में जफ़र की मदद करती हुई दिखेगी। इस बीच,जफ़र, चाची की मदद से जिन्न की सारी टोली को उनके आका के रूप में एक गुप्त निमंत्रण भेजता है।
वह टोली अपने आका, अलादीन उर्फ अली से गुप्त मुलाकात का इंतजार कर रही है। क्या वह वाकई इस बात को समझ पायेंगे कि अली के वेश में वह जफ़र है जो उनके लिये जाल बिछा रहा है?
जफ़र की भूमिका निभा रहे, आमिर दल्वी ने कहा, ‘’हर हार के बाद जफ़र पूरी मजबूती से उभरकर आता है और वह भी पहले से ज्यादा खतरनाक योजना के साथ। जफ़र अब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर महसूस कर रहा है, क्योंकि उसकी बहन जहर-उ-निशा उसे बगदाद का शासक बनने की उसकी मंजिल तक पहुंचाने में मदद कर रही है। आगे आने वाले एपिसोड काफी रोमांचक होने वाले हैं और दर्शक देखेंगे कि जफ़र, अलादीन के सबसे बड़ी ताकत उसकी जिन्नों की टोली पर हमला करने वाला है। वह अली का सच जानना चाहता है और मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शकों को यह देखकर मजा आने वाला है कि किस तरह जफ़र सच जानने के लिये जाल बिछाता है। तो फिर बने रहिये हमारे साथ।”
बता दें कि ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ का प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे, सोनी सब पर होता है।







