- जी के चक्रवर्ती
आज देश में चारो तरफ बस एक ही बात और एक ही शोर सुनाई दे रहा है कोरोना महामारी का प्रकोप! अरे भाई कोरोना से इतने लोग उत्तर प्रदेश के उस जिले में मर गये, देश के अन्य राज्य कर्नाटक से लेकर महाराष्ट्र जैस प्रदेशों में बहुत संख्या में लोगों के मृत्यु के गाल में समा गये और बहुत से लोग संक्रमित पाये गये और उनका ईलाज चल रहा है,जैसी बातें हमें पिछले 22 मार्च से सुनाई देता चला आ रहा है और हम सभी लोग इस तरह की बातों के सुनने के आदी होते चले गये।
जहाँ तक कोरोना वायरस की बात करें तो हमें इस लाईलाज वाइरस की वजह से दुनिया के बेगुनाह लोगों के मौत से उनके परिवार वालों को बहुत तकलीफे उठानी पड़ रही है और जिसकी वजह से केवल भारत ही नहीं सम्पूर्ण दुनिया की अर्थव्यवस्था भी चौपट होते देर भी नहीं लगी। इस वायरस के आगे दुनिया की सबसे शक्तिशाली देश को भी अपने गुठने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। अभी तक इस वायरस के काट स्वरुप टिके को इजात करने के लिये दुनिया के अनेकों देशों के वैज्ञानिक प्रयासरत जरूर है लेकिन इसका इलाज लोगों को कब तक हासिल हो सकेगा यह तो कहना बहुत मुश्किल है हाँ
अभी तक इस वायरस का एक मात्र इलाज वह एक मनुष्य के दूसरे मनुष्य के मध्य सामाजिक दूरियां बना कर ही इससे बचाव का रास्ता सामने आया है और जिसके पालन को अमेरिका, इटली, फ्रांस जैसे देशों के बाहूत देर से मानना शुरू करने से तब तक बहुत देर हो चुकी थी जिसकी बजह से इन देश में मृत लोगों की संख्या अन्य देशों में हुए मौतों की अपेक्षा अधिक तो है ही इसके अलावा संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार बृद्धि होते चले जाने से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है इसलिये अभी हाल ही में अमेरिका द्वारा अपने देश में एक कानून लाने जा रहा है जिसके तहत उनके देश के किसी भी व्यक्ति की मौत यदि किसी अन्य देश के जैविक कीटाणु से होती है तो इसके लिये वह देश जिम्मेदार होगा और इस अवस्था में उस देश को उस व्यक्ति के घर के लोग उस देश से मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
बता दें कि अपने देश में ऐसा कानून बना कर अमेरिका सीधे-सीधे चीन को यह संदेश देना चाहता है कि यदि उसके देश से पैदा हुये इस तरह के वायरस से पुनः किसी व्यक्ति की जान चली जाती है तो उसे उसके लिये बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि मौजूदा समय में पूरी दुनिया में फैली कोरोना वाइरस के जन्मदाता चीन ही है क्यूंकि चीन में कुत्ते के मांस का सेवन करना साधारण सी बात है दरअसल कोरोना वाइरस चमगादड़ों में पाया जाता है किसी मरे हुये चमगादड़ को किसी कुत्ते द्वारा खाये जाने से यह वायरस चमगादड़ से कुत्ते के शरीर में पहुंचा है और उस कुत्ते का मांस चाइना के बुहान शहर के किसी आदमी के खाने से उसके शरीर में पहुंचा और फिर इस तरह से उस व्यक्ति से संक्रमण दूसरे व्यक्ति में फैल कर सम्पूर्ण दुनिया में फैलती चली गयी। इस तरह से यह लाइलाज किटारुण से अपने यहाँ हुई इंसानो के मौत और संक्रमित होते इंसानो की खबरें मिडिया और संचार माधयमों से फैलने से चाइना बहुत दिनों तक रोके रहा जिससे यह कीटाणु पूरी दुनिया में फैलती चली गयी जिसके के लिये देखा जाये हम सीधे तौर पर चीन को ही जिम्मेदार ठहरा सकते हैं।







