ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स 2026) में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश का सिर ऊंचा किया है। जूडो और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में शानदार प्रदर्शन ने भारत के मेडल तालिका में नया अध्याय जोड़ा है।
शुक्रवार को जूडो मैट पर भारत ने इतिहास रच दिया। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की हैइडी क्वाच को रोमांचक गोल्डन स्कोर मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीता। शुरूआत में पीछे रहने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच बराबर किया और फिर निर्णायक युको हासिल कर भारत का पहला महिला जूडो गोल्ड राष्ट्रमंडल खेलों में अपने नाम किया।
उसी दिन हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले के शुरुआती 41 सेकंड में ही वाजा-अरी लगाकर बढ़त बनाई और अंत तक बनाए रखकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह भारत का जूडो में ‘गोल्डन डबल’ था।
इसके अलावा यामिनी मौर्या ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। फाइनल में इंग्लैंड की असिल्या टोप्रक से हार के बावजूद उनका प्रदर्शन शानदार रहा। इस तरह जूडो में भारत ने दो स्वर्ण और एक रजत के साथ हैट्रिक मेडल पूरे किए। कई अन्य भारतीय जूडो खिलाड़ी भी फाइनल या सेमीफाइनल तक पहुंचे और कम से कम रजत सुनिश्चित किया।
दूसरी ओर वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 388 किलोग्राम कुल लिफ्ट (जिसमें स्नैच में गेम्स रिकॉर्ड 176 किलोग्राम शामिल) के साथ पदक अपने नाम किया। अमृतसर के इस खिलाड़ी ने आर्थिक कठिनाइयों और संघर्ष के बावजूद हौसले से अपना सपना पूरा किया। पहले 2022 में ब्रॉन्ज जीतने वाले लवप्रीत अब ‘हेवीवेट हीरो’ बनकर उभरे हैं। उनका यह प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के मजबूत अभियान का हिस्सा है।
अब तक भारत के मेडल:
राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में भारत ने अब तक 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य समेत कुल 23 मेडल जीते हैं और मेडल तालिका में 10वें स्थान पर है।
जूडो में 2 स्वर्ण और 1 रजत तथा वेटलिफ्टिंग में मजबूत योगदान (1 स्वर्ण सहित कई मेडल) ने इस तालिका को मजबूती दी है। अस्मिता, हर्ष, यामिनी और लवप्रीत जैसे खिलाड़ियों का संघर्ष, समर्पण और प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा है। ग्लासगो में भारतीय ध्वज गर्व से लहरा रहा है और आगे और मेडल आने की उम्मीद बनी हुई है। जय हिंद!






