
नई दिल्ली। एक ओर जहां चीन भारत से जंग के लिए तैयार है तो दूसरी ओर कूटनीतिक चाल से भारत के सबसे नजदीकी पड़ोसी नेपाल से प्यार जता रहा है। पिछले तीन दशकों से नेपाल भयानक बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है।
15 अगस्त को चीनी उप-राष्ट्रपति वांग यांग ने पीड़ितों को “तत्काल राहत” पहुंचाने के लिए नेपाल को 10 लाख डॉलर 6.4 करोड़ रुपए दिए हैं। साथ ही इन दोनों देशो के साथ कई अरब डॉलर का समझौता भी हुआ है, जिससे दोनों देशों के आपसी रिश्ते में पहले से भी ज्यादा मजबूती आएगी ।
नेपाल और चीन के बीच हुए समझौते में पेट्रोलियम, गैस और खदान क्षेत्र के लिए 2 अरब डॉलर की परियोजनाओं, 2015 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गए आरनिको राजमार्ग के पुनर्निमाण और केरूंग-रासुवागार्ही रोड के निर्माण के लिए 15 अरब डॉलर की परियोजना पर समझौते शामिल हैं। चीन और नेपाल के बीच भविष्य में निवेश की बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी है। उप-राष्ट्रपति वांग ने नेपाल के पूर्व शाही महल जो की भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था उसके मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता दी थी।







