प्रदेश के महानगरों में लाखो किसानो के शहरी क्षेत्रों में बने कृषि फीडर सहित ताजटेपीजियम क्षेत्र में कृषि फीडर बनने के बाद किसानो के निजी नलकूपो की शहरी शिड्यूल्ड की बिलिंग को ग्रामीण शिड्यूल्ड की बिलिंग में प्रवर्तित करने व आगरा डिस्कॉम में किसानो के नलकूपों के भार को मनमाने तरीके से बढ़ाने के मामले को लेकर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जामंत्री से की मुलाकात और सौपा ज्ञापन
लखनऊ, 22 जुलाई, 2020: यूपी के सभी जिलों में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि फीडर बन जाने और उन्हे मात्र 10 घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने के फैसले के बाद महानगरों के शहरी क्षेत्र में लाखो किसानों जिन्हें पहले 18 घंटे विद्युत आपूर्ति मिलती थेी अब कृषि फीडर बन जाने के बाद उन्हे केवल 10 घंटे विद्युत आपूर्ति मिल रही है, उसके आधार पर उनके एलएमवी -5 शहरी शिड्यूल्ड की बिलिंग बदल कर एलएमवी-5 ग्रामीण शिड्यूल्ड बिलिंग में प्रवर्तित कराने की माग उपभोक्ता परिषद ने उठाई और कहा कृषि फीडर तो बन गया लेकिन अभी भी उस पर जो नलकूप है उनकी बिलिंग शहरी शिड्यूल्ड के आधार पर की जा रही है जिससे उनके बिजली के बिल 10 घंटे मात्र की विद्युत आपूर्ति पर बहुत अधिक आ रहे है।
साथ ही आगरा चल दाक्षिणान्चल विद्युत वितरण निगम ताजटेपेजियम के अंतर्गत आने वाले जनपदों में लाखो अनमीटर्ड किसानो के 10 हॉर्सपावर नलकूप का विद्युत भार बिना किसी नोटिस व चेकिंग के 15 हॉर्सपावर विद्युत भार सॉफ्टवेयर में करके उसके हिसाब से उनके बिजली बिल को डेड गुना बढ़ा कर भेजने के मामले को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक जनहित लोक महत्व प्रस्ताव सौपते हुए किसानो को न्याय दिलाने दिलाने की मांग उठाई और कहा यह मामला बहुत गंभीर है तुरंत प्रवंधन को निर्देश दिए जांय उपभोक्ता परिषद् ने आगरा दाक्षिरान्चल के किसानो के जो बिजली बिल डेड गुना तक भार बढ़ने के बाद भेजे गये थे अनेको किसानो के बढ़े बिजली बिल की एक कॉपी जो सादाबाद के पूर्व विधायक डॉ अनिल चौधरी द्वारा किसानो की व्यथा के साथ उपभोक्ता परिषद को भेजे गये थे उसे भी माननीय ऊर्जा मंत्री को सौपा ।
उपभोक्ता परिषद् ने ऊर्जा मंत्री जी को अवगत कराया किसी भी उपभोक्ता का भार बिना जाँच के नहीं बढा़या जा सकता भार बढ़ाने के मामले में विद्युत वितरण संहिता 2005 में दिए गये गये प्राविधानों का उलघन किया गया है जो नियमो के विपरीत है ।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पूरे मामले पर गम्भीरता से चर्चा की और पूरा मामला समझने के बाद तुरंत पावर कार्पोरेशन चेयरमैन व एमडी को निर्देश दिया की जो कृषि फीडर महानगरों के शहरी क्षेत्र में बन गये है उनकी एलएमवी-5 बिलिंग को शहरी के बजाय एलएमवी-5 ग्रामीण शैडूल्ड के आधार पर करने की कार्यवाही की जाय और साथ ही आगरा डिस्कॉम के मामले में जिन भी किसानो के नलकूप के विद्युत भार 10 हॉर्सपावर से 15 हॉर्सपावर बिना जाँच व नोटिश के मनमाने तरीके से बढ़ा दिए गये उनकी पूरी रिपोर्ट तुरंत तलब की है और उपभोक्ता परिषद् को अस्वाशन दिया की किसानो के साथ सरकार पूरी तरह खड़ी है उनका उत्पीड़न बिलकुल नहीं होने पायेगा जो भी पूरे मामले में दोषी होगे उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।







