रबी की फसलों का बीज सरकार द्वारा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। आलू, प्याज, लहसून आदि का बीज उद्यान विभाग से आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। पूरे प्रदेश में उद्यान विभाग के कर्मचारी अधिकतम आवेदन करने के लिए किसानों को प्रेरित कर रहे हैं। आलू का बीज तो हर जिले में उद्यान केन्द्रों तक पहुंच भी गया है। रबि की नकदी फसलों के बीज के लिए 15 नवम्बर तक आवेदन लिए और बीज देने की प्रक्रिया चलती रहेगी।
उद्यान विभाग द्वारा गुणवत्ता पूर्ण आलू बीज शोध संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। ये बीज ब्रीडर बीज से राजकीय प्रक्षेत्रों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता के माध्यम से तैयार किये जाते हैं और लागत मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराये जाते हैं। इसका मूल्य प्रत्येक वर्ष शासन द्वारा निर्धारित किया जाता है। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए आलू बीज का विक्रय मूल्य शासन द्वारा आधारित प्रथम का 3150 रूपये, आधारित द्वितीय का 2675 रुपये, ओवर साइज (आ.प्र) का 2455 रुपये, ओवर साइज (आ.हि.) 2395 रुपये, सीड साइज 2280 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें सफेद और लाल साइज दोनों का विक्रय मूल्य एक समान है।
इस संबंध में गोंडा मंडल के उद्यान निरीक्षक अनीस श्रीवास्तव ने बताया कि बीज को प्रत्येक जनपद के उद्यान अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त किया जा सकता है। अधिक बीज के लिए किसान बीज उत्पादन कर भी योजना का लाभ ले सकता है। बीज उत्पादन से कृषक को तीन वर्षों तक स्वस्थ एवं गुणवत्ता युक्त बीज प्राप्त होता है, जिससे कृषक को बीज हेतु अनावश्यक भाग दौड़ नहीं करना पड़ता।
उद्यान निरीक्षक ने बताया कि अब किसानों की जागरूकता काफी बढ़ गयी है। खेती बहुत ही फायदा पहुंचा रही है। किसान यदि खेती के प्रति सजग रहे तो हर व्यवसाय से यह बेहतर साबित हो सकता है।







