आखिरकार ट्रम्प युग का अंत हो ही गया लेकिन जिस तरह से उनकी विदाई हुई है वो एक तरह से वह यही साबित करता है कि बुरे का अंत बुरा ही होता है। और अन्ततः अब जो बाइडन ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाल लिया है। इसके साथ ही ट्रंप युग का भी अंत हो गया। अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बाइडन के सिर उम्मीदों का ताज सजा है, सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर की नजर उन पर है।
अपने चुने जाने का महत्व बाइडन भी समझते हैं और यह बात उनके संबोधन से स्पष्ट होती है जिसमें उन्होंने कहा कि मैं पूरे अमेरिका का राष्ट्रपति हूं, सबकी तरक्की, सबकी रक्षा के लिए हूं। हम फिर अमेरिका को एकजुट करेंगे। यह लोकतंत्र का दिन है, यह अमेरिका का दिन है। यह उम्मीद, दोबारा खड़े होने और हर चुनौती से लड़कर जीतने का समय है। बाइडन के इस कथन का कारण भी है।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद को कुछ इस तरह का विवादित पद बना दिया था कि लोग भ्रमित हो गए थे। उनके फैसलों को लेकर खुद अमेरिकावासी अक्सर चकित हो जाया करते थे। तमाम महत्वपूर्ण मामलों को लेकर उन्होंने ऐसे निर्णय लिए जिनका तर्क कोई समझ नहीं पाता था। अश्वतों के मामले, मैक्सिको प्रकरण, ईरान का मामला आदि कुछ ऐसे ही विषय हैं जिनपर यह आखिर तक स्पष्ट नहीं हो पाया कि आखिर वह चाहते क्या हैं। इसके अलावा पिछले दो महीने के दौरान अमेरिका में जिस तरह की घटनाएं देखने को मिलीं, वे भी ताज्जुब में डाल देने वाली हैं।
क्या कोई कभी सोच सकता था कि चुनाव हार जाने के बाद एक राष्ट्रपति चुनाव नतीजों को पलटवाने के कैसे-कैसे हथकंडे अपना सकता है, अपने समर्थकों से उत्पात करवा सकता है और उसके समर्थक दशे की सर्वोच्च विधायी संस्था को निशाना बना सकते हैं। उम्मीद यह की जानी चाहिए कि बाइडन के नेतृत्व में अमेरिका स्पष्ट तथा यथोचित नीतियों पर चलकर विश्व को नया नेतृत्व प्रदान करेगा। देश गंभीर संकटों का सामना कर रहा है। ऐसे में उसे नई चुनौतियां स्वीकारने की जरूरत है। फिलहाल तो यही लगता है कि नया प्रशासन इसमें सफल हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय मूल की कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने से यह संबंध और मजबूत होगा. साकी ने कहा, ‘बाइडन ने उनका (हैरिस का) चुनाव किया है और वह पहली भारतवंशी हैं जो अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनी हैं. निश्चित रूप से यह इस देश में हम सभी के लिए न सिर्फ एक ऐतिहासिक लम्हा है बल्कि इससे हमारे रिश्ते भी और प्रगाढ़ होंगे।’







