लखनऊ, 27 मार्च, 2021: प्रदेश के उपभोक्ताओ की आज एक ऐसी समस्या पर मुख्य अभियंता लेसा श्री मधुकर वर्मा ने एक ऐसा मुद्दा उठाया जो सही मायने में एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है उपभोक्ता परिषद ने कहा कि वास्तव में उपभोक्ताओं की व्यथा को पहली बार पावर कार्पोरेशन के किसी अभियंता ने स्वीकार किया है।
बता दें कि मुख्य अभियंता लेसा ने अपने उच्चाधिकारियो को एक पत्र लिखा और सुझाव दिया की 2 किलोवाट तक के अस्थायी संयोजन लेने वाले उपभोक्ता जिस समयाविधि के लिए अस्थायी संयोजन लेते हैं ज्यादातर मामलों में उस समयाविधि में वह अपने परिषर में निर्माण कार्य नहीं करा पाते और अंतिम तिथि के आगे भी उनका काम चलता रहता है न ही विभागीय कार्मिको और न ही उपभोक्ता को पता रहता उनकी अंतिम तिथि समाप्त हो गयी है।
ऐसे 2 किलोवाट तक के मामलो में विभाग द्वारा भी उपभोक्ताओ को समय से नहीं बताया जाता कि आपके अस्थायी संयोजन की अवधि समाप्त हो गयी है और न ही उनका संयोजन ही विछेदित किया जाता और फिर ऐसे मामलो में बिजली चोरी मानकर उन्हे परेशान किया जाता है। उपभोक्ता ऐसे में कभी पुलिस थाना कभी विभाग का चक्कर काटते है विभाग द्वारा ऐसे उपभोक्ताओ को बिजली चोरी में बुक कर दिया जाता और बड़ी पेनाल्टी लगा दी जाती है आगे मुख्य अभियंता ने यह भी लिखा की यह भ्रष्टाचार और भयादोहन का कारण बनता और उपभोक्ता बनने के पहले ऐसे उपभोक्ताओ के मन में विभाग के खिलाफ खराब अवधरणा पनपती है। मुख्य अभियंता लेसा ने ऐसे मामलो में बिलिंग पर अपने उच्चाधिकारियो से सहानुभूति पूर्वक विचार करने की मांग की है।
उपभोक्ता हित में निर्णय कराएगा उपभोक्ता परिषद:
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ने कहा मुख्य अभियंता लेसा ने जो सराहनीय पहल की है वह पूरे प्रदेश का मामला है जल्द ही उपभोक्ता परिषद् इस पूरे मामले पर प्रबंधन व विद्युत नियामक आयोग से बात कर उपभोक्ता हित में निर्णय कराएगा उपभोक्ता परिषद् विद्युत नियामक आयोग में जल्द ही एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर यह सुलभ व्यवस्था बनवाएगा की 2 किलोवाट तक के अस्थायी संयोजन के मामलो में स्वता अस्थायी संयोजन को विस्तारित कर उसी अस्थयी बिलिंग की दर पर ही बिल निर्गत माना जाय की वयवस्था लागु कराएगा वैसे इस मामले पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन भी निर्णय ले सकता है लेकिन कही कोई विधिक समस्या न आए यदि पावर कार्पोरेशन आयोग को प्रस्ताव भेजता है तो उपभोक्ता परिषद् उसका पूरा समर्थन करेगा और इस साहसिक प्रस्ताव को लागू कराएगा जिससे उपभोक्ताओ का उत्पीड़न न हो।







