Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 8
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    शरणार्थियों का संकट बढ़ाता म्‍यांमार

    ShagunBy ShagunMarch 31, 2021Updated:March 31, 2021 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 594

    करंट इशू : पंकज चतुर्वेदी

    हालांकि मणिपुर सरकार ने अपना वह आदेश वापस ले लिया है जिसमें म्यामार से आये शरणार्थियों को सहयोग करने से मना किया गया था. लेकिन यह कड़वा सच है कि पूर्वोत्तर भारत में म्यामार से शरणार्थियों का संकट बढ़ रहा है, यह हमारे लिए इस लिए भी दुविधा की स्थिति है कि उसी म्यांमार से आये रोह्न्गीय के खिलाफ देश भर में अभियान और माहौल बनाया जा रहा है लेकिन अब जो शरणार्थी आ रहे हैं वे गैर मुस्लिम ही हैं। यही नहीं रोहंगियाँ के खिलाफ हिंसक अभियान चलाने वाले बोद्ध संगठन अब मयांमार फौज के समर्थक बन गए हैं.

    पड़ोसी म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट के बाद से सैकड़ों बागी पुलिसवाले और दूसरे सुरक्षाकर्मी चोरी-छिपे नॉर्थ ईस्‍ट के प्रांत मिजोरम में आ रहे हैं। इस काम में उनकी मदद एक्टिविस्‍ट और स्‍वयंसेवकों का एक नेटवर्क कर रहा है. ये लोग सेना की कार्रवाई से बचने के लिए सीमापार भारत में शरण ले रहे हैं।

    घने जंगल के बीच ये कार, मोटरसाइकिल और पैदल चलकर बॉर्डर क्रॉस कर रहे हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में सीमा के दोनों तरफ मौजूद स्‍वयंसेवकों को समूह मदद कर रहे हैं। एक बार भारत में आने के बाद स्‍थानीय कार्यकर्ता और निवासी उन्‍हें भोजन और रहने की जगह मुहैया कराते हैं.

    म्‍यांमार से भागकर आए कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे म्‍यांमार से इसलिए भाग आए क्‍योंक‍ि उन्‍हें डर था कि अगर उन्‍होंने प्रदर्शनकारियों को गोली मारने के सेना का आदेश नहीं माना तो उन्‍हें सजा मिलेगी। फरवरी के बाद से अबतक करीब 1000 लोग म्‍यांमार से भारतीय सीमा में मिजोरम आ चुके हैं।

    यह जानकारी मिजोरम से राज्‍यसभा सांसद के वनलालवेना ने दी। मिजोरम के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमें करीब 280 म्‍यांमार पुलिसवाले, और दो दर्जन से ज्‍यादा अग्निशमन विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।मिजोरम के विभिन्न शिविरों में रह रहे कुल 642 म्यांमार नागरिकों की पहचान की गई है। इसके साथ ही खुफिया एजेंसियां अन्य 91 शरणार्थियों की नई आमद की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। इन्हें एजेंसियों द्वारा ‘अपुष्ट’ श्रेणी में रखा गया है। म्यांमार से भागकर आने वाले ज्यादातर लोग 18 मार्च से 20 मार्च के बीच भारत में दाखिल हुए।

    एक खुफिया एजेंसी की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक शरणार्थी चंपई जिले में रह रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 324 चिन्हित शरणार्थी चंपई जिले में हैं और 91 व्यक्तियों का एक नया जत्था, जिनका अब तक कोई रिकॉर्ड नहीं है, वे भी इसी जिले में रह रहे हैं। चंपई के बाद, सीमावर्ती जिले सियाहा में कुल 144 शरणार्थी रह रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 83 लोग हेंथिअल में, 55 लॉन्गतालाई में, 15 सेर्चिप में, 14 आइजोल में, तीन सैटुएल में और दो-दो नागरिक कोलासिब और लुंगलेई में रह रहे हैं।

    म्‍यांमार के शरणार्थियों के इस तरह मिजोरम में शरण लेने से केंद्र और मिजोरम सरकार के बीच समस्‍या खड़ी हो सकती है। केंद्र सरकार इन्‍हें दूर रखना चाहती है वहीं मिजोरम सरकार स्‍थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए इन्‍हें शरण देना चाहती है। असल में, मिजोरम में रहने वाले जनजातीय समुदाय और म्‍यांमार में सीमा के पास रहने वाले चिन समुदाय में नजदीकी संबंध हैं।

    भारत और म्यांमार 1,643 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं और दोनों ओर के लोगों की जातीय संबद्धता के कारण पारिवारिक संबंध भी हैं। मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड भी ऐसे भारतीय राज्य हैं, जो म्यांमार के साथ सीमाएं साझा करते हैं, लेकिन तख्तापलट के बाद पड़ोसी देश से भारत आई आमद मिजोरम तक सीमित हो गई है, जो म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। इन लोगों की आमद राज्य में एक संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि सीमाओं के दोनों ओर के लोगों में जातीय संबद्धता है।

    1 फरवरी को म्‍यांमार की सेना ने यह कहते हुए तख्‍तापलट कर दिया था कि 8 नवंबर हुए चुनावों में म्‍यांमार की राजनेता सू की की पार्टी की जीत फर्जी थी। राष्‍ट्रीय चुनाव आयोग ने यह मानने से इनकार कर दिया इसके बाद से सेना ने देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। सेना ने दोबारा चुनाव कराने का ऐलान किया है पर तारीखों की घोषणा नहीं की है।

    Shagun

    Keep Reading

    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    Victory in the Banda seat will now become a reality for the SP!

    सपा के लिए बांदा सीट की विजय अब बनेगी हकीकत!

    The future belongs to clean, green, and sustainable energy: A. K. Sharma

    आने वाला समय स्वच्छ, हरित व टिकाऊ ऊर्जा का: ए. के. शर्मा

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    68,500 Teacher Recruitment: Candidates lay siege to Minister's residence, demanding implementation of reservation orders.

    68500 शिक्षक भर्ती: आरक्षण आदेश लागू करो, मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का घेराव

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    October 6, 2026
    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    October 6, 2026
    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    October 6, 2026
    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    October 5, 2026
    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    October 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading