नई दिल्ली, 07 अगस्त, 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज घोषणा की है कि राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड होगा। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों के आग्रह के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। पीएम ने ट्विटर के जरिए यह ऐलान किया। यह अवॉर्ड देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान है। पहली बार यह पुरस्कार 1991-92 में दिया गया था। लेकिन पीएम के इस फैसले से कांग्रेस को आपत्ति है। कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने भी इस फैसले का विरोध किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने ट्विटर पर लिखा प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, जनता की भारी माँग है कि अहमदाबाद के नए स्टेडियम से अपना नाम हटाकर किसी खिलाड़ी के नाम कर दीजिए। खिलाड़ियों के सम्मान में भी राजनीतिक दाँवपेंच क्यों ?
एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि अभी @ABPNews ने ग़लत जानकारी देकर मुझसे फोनो लिया। मुझे बताया गया कि मेजर ध्यान चंद को राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया है। मैने कहा सराहनीय कदम है। बाद में पता चला कि राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर ध्यान चंद जी के नाम किया गया है। यह ओछी हरकत है। मेरा विरोध।
पीएम ने ट्विटर पर लिखा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटेबेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है जीत के प्रति जो ललक दिखाई है वह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद!
भारतीय हॉकी टीम के लिए टोक्यो ओलंपिक यादगार रहा है। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय मेंस हॉकी टीम ने 41 साल बाद कोई मेडल जीता जबकि महिला टीम चौथे नंबर पर रही। दोनों टीमें ब्रॉन्ज मेडल मैच तक पहुंची लेकिन मेंस टीम ने जीत दर्ज की जबकि महिला टीम 3-4 के अंतर से हार गई।







