होर्मुज में ड्रोन-मिसाइलों का खेल, ट्रंप का दावा- ईरान की ताकत 78% कम
नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खुले सैन्य संघर्ष में बदल गया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं, जबकि अमेरिका ने ईरानी रडार साइट्स पर हमला कर दिया।
घटना का क्रम
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पहले होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के 4 अटैक ड्रोन मार गिराए गए।
- इसके बाद गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित ईरानी रडार साइट्स को निशाना बनाया गया।
- जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास दुश्मन ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
मिसाइल हमले का नतीजा
ईरान द्वारा दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 6 को हवा में ही रोक लिया गया, जबकि एक लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रही।
ट्रंप का बड़ा दावा : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब सिर्फ 21-22% मिसाइलें बची हैं।
ईरान का पलटवार
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान ने अपनी 33 मिसाइल साइट्स में से 30 को दोबारा चालू कर लिया है और उसके पास अभी भी करीब 700 मिसाइलों का भंडार मौजूद है।
ईरान की कूटनीति : ट्रंप को हवा में उड़ने वाली बातें छोड़कर वास्तविक दुनिया में जीना और सोचना चाहिए
ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मुलाकात करने की इच्छा जताई। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखा तंज कसते हुए कहा:“ट्रंप को हवा में उड़ने वाली बातें छोड़कर वास्तविक दुनिया में जीना और सोचना चाहिए। हमें व्यावहारिक होना होगा।”
बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है। दोनों पक्षों के दावों में उलट-फेर जारी है, जबकि कुवैत-बहरीन जैसे देशों पर मिसाइल हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को नई चुनौती दे दी है।







