यदि अपने व्यापार में तरक्की और उन्नति चाहते हैं तो भगवान् विश्वकर्मा की पूजा जरूर करे, इसे आपका कारोबार चमक उठेगा। बता दें कि इस बार विश्वकर्मा पूजा 17 सितम्बर अर्थात दिन शुक्रवार को है।
मालूम हो कि देवताओं के शिल्पी, निर्माण और सृजन के देवता कहे जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की पूजा हर वर्ष सितंबर माह में की जाती है। इस माह में विश्वकर्मा पूजा या भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा के दिन विशेष तौर पर औजारों, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों, दुकानों, कारखानों आदि की पूजा की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, व्यापार में तरक्की और उन्नति होती है। जो भी कार्य प्रारंभ किए जाते हैं, वे पूरे होते हैं। भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। जागरण अध्यात्म में जानते हैं कि इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा कब है, पूजा का मुहूर्त क्या है।
विश्वकर्मा पूजा तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व:
हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में विश्वकर्मा पूजा मनाया जाएगा। विश्वकर्मा पूजा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 06 बजकर 07 मिनट से अगले दिन 10 सितंबर को प्रातः03 बजकर 36 मिनट तक बना रहेगा।
विश्वकर्मा पूजा 2021 मुहूर्तः धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर वर्ष विश्वकर्मा पूजा सूर्य की कन्या संक्रांति पर किया जाता है। इस वर्ष 17 सितंबर को रात 01 बजकर 29 मिनट पर सूर्य की कन्या संक्रांति का क्षण है। इस दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक है। राहुकाल को छोड़कर आप विश्वकर्मा पूजा करें। हालांकि सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 06 बजकर 07 मिनट से प्रारंभ हो रहा है, तो आप इस समय से पूजा कर सकते हैं।
कौन हैं भगवान विश्वकर्माः
मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा पहले वास्तुकार और इंजीनियर हैं। इन्होंने स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान, द्वारिका नगरी, यमपुरी, कुबेरपुरी आदि का निर्माण किया था। उन्होंने इस संसार की रचना में ब्रह्मा जी की मदद की थी। इस संसार का मानचित्र तैयार किया था।







