लखनऊ, 6 जुलाई 2026 : एलडीए और आवास विकास परिषद द्वारा शहर में लगातार की जा रही सीलिंग कार्रवाई ने व्यापारियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लखनऊ व्यापार मंडल की ट्रांसगोमती इकाई ने सोमवार को इन्द्रानगर में आपात बैठक बुलाकर इस कठोर कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
“बिना बातचीत के सीलिंग गलत” – देवेंद्र गुप्ता
ट्रांसगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रशासन बिना पर्याप्त संवाद और व्यापारियों को उचित अवसर दिए सीधे सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है। इससे व्यापारियों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि यदि कोई अनियमितता है तो उसे संवाद के जरिए और नियमानुसार सुलझाया जाए, न कि सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई से।
“व्यापारी कानून मानते हैं, लेकिन न्याय भी चाहिए”
अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि व्यापारी समाज हमेशा कानून का सम्मान करता आया है, लेकिन प्रशासन को वर्षों पुरानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों की वास्तविक परिस्थितियों को समझते हुए व्यावहारिक और न्यायसंगत फैसले लेने चाहिए।
नितिन जैन ने चिंता जताते हुए कहा कि एकतरफा कार्रवाई से हजारों व्यापारियों और उनके कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि व्यापारी संगठनों के साथ बैठक कर ऐसा समाधान निकाला जाए जिसमें विकास कार्य भी चलें और व्यापारियों का भी उत्पीड़न न हो।
आंदोलन की चेतावनी
अरविंद पाठक ने साफ कहा कि व्यापारियों को बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त समय दिए सीलिंग करना उचित नहीं है। लखनऊ व्यापार मंडल व्यापारियों के वैध हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन भी किया जाएगा।
व्यापारियों की मांग
बैठक में सभी व्यापारियों ने एक स्वर में मांग की कि:
- एलडीए और आवास विकास परिषद तुरंत अनावश्यक सीलिंग पर रोक लगाए
- व्यापारी संगठनों के साथ वार्ता कर व्यावहारिक समाधान निकाले
बैठक में गोपाल अग्रवाल, मनीष वर्मा, पवन अग्रवाल, हिमांशू भट्ट, बिक्की देहलयानी, निखिल समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास का बोझ सिर्फ छोटे-मध्यम व्यापारियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।







