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    Home»इंडिया

    उत्तर प्रदेश में किसानों की कृषि आय बढ़ाने का अभियान

    ShagunBy ShagunSeptember 28, 2021Updated:September 28, 2021 इंडिया No Comments7 Mins Read
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    डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    सरकार किसानों की आय बढ़ाने का अनेक स्तर पर प्रयास कर रही है। कृषि मंडियों को आधुनिक बनाया गया। खरीद प्रक्रिया से बिचौलियों को बाहर किया गया। किसानों के खाते में शत प्रतिशत धनराशि भेजना सुनिश्चित हुआ। बारह करोड़ किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य में अब तक कि सर्वाधिक वृद्धि की गई। इसके अलावा भी अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन चल रहा है। ऐसे में किसानों के नाम पर चलने वाला आंदोलन निराधार हो गया है। किसान कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार का रिकार्ड बेहतरीन है। राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में गन्ना मूल्य में वृद्धि का निर्णय लिया है। सवा तीन सौ रुपये प्रति कुन्तल के गन्ने का गन्ना मूल्य बढ़ाकर साढ़े तीन सौ रुपये प्रति कुन्तल, तीन सौ पन्द्रह रुपये प्रति कुन्तल के सामान्य गन्ने का गन्ना मूल्य तीन सौ चालीस रुपये प्रति कुन्तल तथा अनुपयुक्त गन्ने के गन्ना मूल्य में पच्चीस रुपये प्रति कुन्तल वृद्धि की गई है। इस मूल्य वृद्धि से प्रदेश के पैंतालीस लाख गन्ना किसानों की आय में आठ प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी होगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्रोत्साहित होकर किसान उत्पादन क्षमता बढ़ाकर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाएंगे। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए केन्द्र सरकार ने नीतियां बनाई है। उत्तर प्रदेश में उन पर प्रभावी अमल हो रहा है। चार वर्ष पहले के प्रिक्योरमेंट के पांच लाख से सात लाख मिट्रिक टन के आंकड़े आते थे। अब अड़सठ लाख मीट्रिक टन प्रिक्योरमेंट किया गया। डीबीटी के माध्यम से पैसा सीधे किसानों के खाते में भेजा गया।

    योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर भी निशाना लगाया। कहा कि आज विपक्ष के नेता किसानों की बात कर रहे है,लेकिन इनकी सरकार के समय उपज खरीद आज के मुकाबले कई गुना कम थी। तब इतना न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं था। किसानों को खाद नहीं मिलती थी, सिचाई योजनाएं लंबित थी।

    वर्तमान राज्य सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है। करण्ट ईयर आधे से अधिक का गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जा चुका है। कोरोना काल में भी सभी एक सौ उन्नीस चीनी मिलें संचालित की गईं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लगभग छत्तीस लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। छांछठ लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है तथा किसानों को ग्यारह हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा मक्के की खरीद कर किसानों को करीब दो सौ करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत प्रदेश के दो करोड़ बयालीस लाख किसानों को लाभान्वित किया गया है। इसके लिए राज्य को भारत सरकार से प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। प्रदेश शहरी और ग्रामीण इलाकों में चालीस लाख आवास उपलब्ध कराए गए हैं कोरोडो किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाये गए हैं। शेष बचे किसानों को क्रेडिट कार्ड देने की। प्रक्रिया चल रही है।

    खाद सब्सिडी के रूप में अस्सी हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छोटी अवधि के लिए किसानों को आठ लाख करोड़ का ऋण दिया गया है। इस पन्द्रह लाख करोड़ तक पहुंचाया जाएगा। नाबार्ड अबतक कृषि क्षेत्र में नब्बे हजार करोड़ रुपये खर्च करता था। अब उसके खर्च का बजट तीस हजार करोड़ और बढ़ा दिया गया है। गेहूं खरीद की मात्रा यूपीए सरकार के समय दस वर्ष पहले के मुकाबले वर्तमान वर्ष एक सौ सत्तर प्रतिशत तक हो गई। दस वर्ष पहले गेहूं खरीद करीब सवा दो सौ लाख मीट्रिक टन थी। इस वर्ष करीब तीन सौ निन्यानबे लाख मीट्रिक टन हो गया।

    यूपीए में गेहूं में अधिकतम पचास रुपए की बढ़ोतरी एमएसपी में की गई, जबकि मोदी सरकार ने वर्ष दो वर्ष पहले इससे दुगनी से अधिक की बढ़ोतरी की थी। यह पिछले आठ वर्षो का अधिकतम बढ़ोतरी का रिकॉर्ड था। धन खरीद में दस वर्ष पहले यूपीए के मुकाबले डेढ़ सौ प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। दालों की खरीद मोदी सरकार के समय शुरू हुई। पिछली सरकारों के समय न्यूनतम समर्थन मूल्य तो घोषित होता था। लेकिन एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी।

    वर्तमान सरकार ने यूरिया की कालाबाजारी रोकी। उसकी नीमकोटिंग की गई। इससे किसानों को यूरिया मिलने लगी। नए कृषि सुधारों से विकल्प दिए गए हैं। मंडी से बाहर हुए लेन देन गैरकानूनी माना जाता था। इस पर छोटे किसान को लेकर विवाद होता था। क्योंकि वे मंडी पहुंच ही नहीं पाते थे। अब छोटे से छोटे किसान को विकल्प दिए गए हैं। अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन ठीक समझता है तो उसपर भी रोक लगाई नहीं लगाई गई है।

    स्वामीनाथन रिपोर्ट यूपीए के समय आ गई थी। लेकिन उसने इसे लागू नहीं किया। नरेंद्र मोदी सरकार ने स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया है। अब गांवों में आधुनिक सड़कों के साथ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाएं की जा रही है। सरकार कृषि नीतियों में छोटे किसानों को सर्वोच्च महत्व दे रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत अब तक एक लाख साठ हजार करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं। भारत की पहचान एक बड़े कृषि निर्यातक देश के रूप में बन रही है। खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए अब राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन ऑयल पाम का संकल्प लिया गया है। खाने के तेल की कमी को दूर करने और इसमें आत्मनिर्भर बनने के दृष्टिगत यह मिशन लागू किया जा रहा है। इस मिशन के माध्यम से खाने के तेल से जुड़े इकोसिस्टम पर ग्यारह हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।

    सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उत्तम बीज से लेकर टेक्नोलॉजी आदि सुविधा मिले। कुछ साल पहले जब देश में दालों की बहुत कमी हो गई थी। बीते छह साल में देश में दाल के उत्पादन में लगभग पचास प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार ने खरीफ व रबी सीजन,किसानों से एम एस पी पर अब तक की सबसे बड़ी खरीद की है। इससे, धान किसानों के खाते में लगभग एक लाख सत्तर हजार करोड़ रुपए और गेहूं किसानों के खाते में लगभग पच्चासी हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट पहुंचे हैं। डीएपी का मूल्य बढ़ने पर राज्य सरकार द्वारा बारह सौ रुपए प्रति बोरी की सब्सिडी दी गई। जिससे डीएपी के मूल्य नियंत्रित हैं। एफपीओ का बड़ा लाभ छोटे किसानों को मिल रहा है। किसानों की उपज को मंडियों तक पहुंचाने के लिए किसान रेल चल रही है।

    सरकार द्वारा फार्मगेट एवं समेकन केन्द्र प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों किसान उत्पादन संगठन कृषि उद्यमी स्टार्टअप मण्डी समिति,एफपीओ के वित्त पोषण के लिए एक लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सुविधा कृषि अवसंरचना निधि के द्वारा सुविधा प्रदान की गयी है। योगी आदित्यनाथ की सरकार के सत्ता में आने के बाद पहला निर्णय प्रदेश के छियासी लाख लघु एवं सीमान्त किसानों का छतीस हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ करने का लिया गया। वर्तमान सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बन्द चीनी मिलों का संचालन प्रारम्भ कराया। पिपराइच,मुण्डेरवा, रमाला में पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा बेची गयी चीनी मिलों के स्थान पर नये संयंत्र स्थापित कराए। साथ ही, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराया।

    किसान को चौबीस जिन्स के लिए लागत का डेढ़ गुना दाम दिलाने की घोषणा प्रधानमंत्री जी ने की। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गयी कृषि उपज की खरीद की धनराशि का भुगतान किसान के खाते में किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से बिना भेदभाव के सभी किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश में ढाई करोड़ से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन सुलभ कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। किसानों को सोलर पम्प तथा खेत-तालाब योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। वर्षों से लम्बित बाणसागर परियोजना को पूर्ण कराकर प्रारम्भ कराया गया।

    अर्जुन सागर परियोजना बनकर लगभग तैयार हो चुकी है। अगले महीने इसे प्रधानमंत्री जी से राष्ट्र को समर्पित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरयू नहर परियोजना लगभग पूरी हो गयी है। इसके अलावा पहाड़ी बांध, जमरार बांध,रसिन बांध सहित विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण कराया गया है।

    Shagun

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