कांफ्रेस के दूसरे दिन पांच विशेषज्ञों ने दिये वक्तव्य
लखनऊ, 04 दिसम्बर 2021: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में ‘इनोवेटिव एप्प्रोचेस इन एप्लाइड साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजीज़’ विषय पर आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेस के दूसरे दिन कुल तीन तकनीकी सत्र हुए, जिसमें पांच विशेषज्ञों ने वक्तव्य दिया और दो पोस्टर सेशन भी रखे गए। एक सत्र ऑफलाइन और एक ऑनलाइन पोस्टर सेशन हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपने विषय से जुड़े पोस्टर प्रदर्शित किया।
तकनीकी सत्रों में सऊदी अरब से खादीजह ए0 अल्तमर ने पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने में सुक्ष्मजीवों की भूमिका पर चर्चा की। मिस दिलफुजा जब्बोरोवा, इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक्स एंड प्लांट एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी, उज़्बेकिस्तान अकादमी ऑफ़ विज्ञान, ताशकंद, उज़्बेकिस्तान, ने पौधों के विकास को बढ़ावा देने वाले बी एंडोफाइटिकस 33 पर चर्चा की।
पंतनगर से प्रो. प्रकाश भट्ट ने उत्तराखंड में जानवरों को लगने वाली बीमारियों की समस्या पर चर्चा की। बीबीएयू के प्रो.आरबी राम ने फ्लोरीकल्चर और बागवानी पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। सीएयू, इम्फाल से डॉ. प्रणब दत्ता ने पौधों के स्वास्थ्य को सुधारने में जैव प्रौद्योगिकी का प्रयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इस विषय पर चर्चा की। प्रो.राम चंद्रा, हेड, डिपार्टमेंट ऑफ एनवायर्नमेंटल माइक्रोबायोलॉजी, बीबीएयू ने पर्यावरण पर पोस्ट मिथेनेटेड डिस्टिलरी अपशिष्ट और पर्यावरण सुरक्षा के लिए हरित प्रौद्योगिकी के स्वास्थ्य संबंधी खतरे पर जानकारी दी।
इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन विवि के कुलपति प्रो. सजंय सिंह के संरक्षण में हो रहा है। इस अन्तर-राष्ट्रीय संगोष्ठी में तीन देशों (सउदी अरब, नेपाल,उजबेकिस्तान) के विभिन्न राज्यों के 500 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
कॉन्फ्रेंस के आयोजन में बीबीएयू के प्रो.संजय कुमार, प्रो.आर बी राम, प्रो.बी.बी.मलिक, प्रो.एस.के. द्विवेदी, डॉ. एम. एल. मीणा, डॉ सुतानु माजी, डॉ. रवि कुमार वर्मा, डॉ रूबी लता आदि का सहयोग रहा।







