वर्तमान में ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर्स ऐसे नए आइडिया की तलाश कर रहे हैं, जिसके माध्यम से विविधताओं के बीच में एम्प्लॉयी सही सही ट्यूनिंग बैठा सकें।
कई बार ग्लोबल मार्केट में हमारा सामना ऐसे माहौल से होता है, जब हम असहज महसूस करते हैं। इसका असर हमारे प्रॉडक्शन पर पड़ता है। ऐसे में ऐसे स्किल से खुद को संवारना होता है, ताकि विविधता भरे माहौल में बेहतर कर सकें।
आपको यहां हम बता रहे हैं कि कैसे कर्मचारी वर्कप्लेस पर विविधता को लेकर संवेदनशीलता दिखा सकते हैं। कैसे खुद को जागरूक कर सकते हैं।
टीम स्ट्रेटजी है अहम टीम की स्ट्रेटजी में विविधता को अहम हिस्सा माना जाता है। अपने बात करने के क्रम में विविध गोल की चर्चा करना जरूरी है। जॉब एक्सपर्ट मानते हैं कि विविधता की जो रूप रेखा हमारे दिमाग में है, वह ईडीजीईएस चार्टर पर आधारित है। हमें इससे बाहर निकलकर फोकस करना होगा। विविधता के चार रूप, जिसमें जातीयता, लिंग और सेक्सुअल ओरिएंटशन , विकलांगता लंगर की तरह हमारे अंदर बस गए हैं।
कंपनियां एचआर विश्लेषण टूल्स के तौर पर पारदर्शिता को इंक्रीमेंट, प्रमोशन और अपरेजल के समय यूज कर रही है। स्थिरता और विविधता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रेगुलर एम्लॉयी मेलर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। संवेदनशीलता दिखाएं पहले दिन से ही विविधता से भरे मुद्दे पर लोगों को संवेदनशील बनाना जरूरी होता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इंडक्शन के दौरान ही एम्लॉयी को संवेदनशील बनाना होता है और इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधन की भी होती है। जब नए एम्लॉयी उनसे रू-ब-रू होते हैं। फ्रेशर से लेकर सीईओ तक की श्रेणी में शामिल सभी एम्लॉयी से कंपनी यह उम्मीद करती है कि जेंडर से संबंधित मुद्दों पर संवेदनशीलता को विकसित करने के लिए ऑनलाइन कोर्स को प्रोत्साहन देना जरूरी है।
वास्तविक जीवन के उदाहरणों से समझें लोगों को संवेदशील बनाने में वास्तविक कहानी सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक है। एक कंपनी में ह्यूमन रिसोर्स की वीपी और डाइवर्सिटी हेड सुनिता चेरिएन कहती हैं कि हमारा कार्यस्थल विविधता और समावेश प्रशिक्षण ई मॉड्यूल से जुड़े केस स्टडी के मामले में कर्मचारी के वास्तविक अनुभव और अंतरदृष्टि पर आधारित होता है। कंपनी बाहर और हाऊस से लीडर्स को बुलाती है और उनसे कर्मचारियों के समूह के सामने अपने जीवन से जुड़ी कहानियों और अनुभवों को शेयर करने को कहती है।







