नदियों के घाट सज चुके है छठ के पारम्परिक गीत गुनगुनाएं जा रहे हैं और इसी परम्परा के साथ नहाय खाय की परंपरा के साथ छठ महापर्व शुरू हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की मुख्य पूजा आज रविवार और सोमवार को होगी। रविवार को निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं गोमती के तट पर अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य देकर देने के बाद सोमवार को सूर्योदय के समय उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर इस चार दिवसीय महापर्व का अनुष्ठान पूर्ण करेंगी।
Chath songs ❤️❤️❤️ pic.twitter.com/5gTyYg3zZz
— Ankit Pandey (@nowitsnewankit) October 30, 2022
गोमती घाटों की सफाई : इस दौरान विशेषतौर पर बाढ़ के कारण सीढ़ियों पर जमा गंदगी को साफ किया गया। छठ पूजा को देखते हुए घाट पर साफ सफाई के साथ ही नदी के तट पर किसी भी हादसे को रोकने के लिए बैरीकेडिंग भी की गई है।
Happy chath puja🙏🙏 pic.twitter.com/6H69iudcAt
— Sunny roy (@Sunnyro03796064) October 30, 2022
बता दें कि इस महापर्व पर महिलाएं पुत्रों की दीर्घायु के लिए विधि विधान से छठ माता की पूजा अर्चना करती हैं। बीते शुक्रवार को नहाय खाय के साथ इस चार दिवसीय पर्व की शुरुआत हुई। पहले दिन महिलाओं ने लौकी की सब्जी और चावल ग्रहण किया। अब फिर शनिवार को खरना के दिन व्रत धारण करने वाली महिलाएं खीर और रोटी खाकर पूजन का शुभारंभ किया।
रविवार को छठ माता की पूजा अर्चना के साथ ही संध्या के समय महिलाएं नदी के घाट अथवा तालाब या कुंड किनारे एकत्रित होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देंगी। इसके बाद सोमवार की सुबह व्रती महिलाएं उदयाचलगामी सूर्य को अर्ध्य देकर पर्व का पारण करेगी।
छठ पर्व के आयोजन को लेकर लखनऊ में गोमा नदी के किनारे देर शाम तक समतलीकरण के साथ घाटों की साफ सफाई व प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त बनाने का कार्य चलता रहा। व्रत की तैयारियों को अंतिम स्वरूप देने के लिए शुक्रवार और शनिवार को बाजारों में दिन भर महिलाएं व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, फल व सूप इत्यादि की खरीद में जुटी रही। इस महापर्व पर आटा व गुड़ मिश्रित मीठी पूड़ी, चावल आटे के लड्डू के साथ ही छह प्रकार का फल भी श्रद्धालु छठी मइया को चढ़ाते हैं।







