बढ़ता समय, जवाब देता धैर्य, दुवाओं और पूजा अर्चना जारी, वर्टिकल ड्रिलिंग से बचाव कार्य जारी
उत्तरकाशी में सुरंग से मजदूरों की वापसी का लोगों को बेसब्री से इन्तजार है । बता दें कि कई प्रयासों के बावजूद मजदूर सुरंग से वापस नहीं निकल पाएं हैं दिन -ब -दिन बढ़ते समय से परिजनों का धैर्य जवाब देता जा रहा हैं लेकिन आस बरकरार हैं, जगह -जगह मजदूरों की वापसी के लिए दुवाओं और पूजा अर्चना का दौर जारी है।
उधर सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं इस बीच प्रधानमंत्री भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और इस मामले पर कड़ी निगाह बनाये हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक आगर मशीन में आई खराबी के बाद अब खुदाई ऊपर से की जा रही है ताकि सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को जल्द से जल्द निकला जा सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोगों को दो दिन में बाहर निकाला जा सकता है। फिलहाल जल्द ही गुड न्यूज़ मिल सकती है।
बता दें कि उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी बचाने की जंग जारी है। नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड कॉरपोरेशन एनएचआईडीसीएल के मैजेजिंग डायरेक्टर महमूद अहमद ने कहा, अब हम उस चरण में आ गए हैं कि हमने शनिवार से 2-3 और विकल्पों पर काम करना शुरू कर दिया है। हमने एसजेवीएनएल से कहा है कि वो वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू करें। यह ड्रिलिंग 1 मीटर से लेकर 1.2 मीटर के लिए होनी है। हमने उन जगहों की पहचान की है जहां डिलिंग बेहतर हो सकता है। लगभग मीटर तक ड्रिलिंग पूरा हो चुका है। हमने एक जगह की पहचान की है जहां कुल 86 मीटर की ड्रिलिंग होनी हैं। 15 मीटर तक ड्रिलिंग हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लगता है कि हम इसे अगले 2 दिनों में कर लेंगे। महमूद अहमद ने कहा, कंक्रीट बेटिंग पर काम शुरू हो गया है। हमें आशा कि अब से दो दिन और यह एक लंबी प्रक्रिया है। हमारा टारगेट है कि 15 दिन लगेंगे इस हॉरिजोन्टल ड्रिलिंग को सफल होने में। हम एक ड्रिफ्ट टनल भी बनाना चाहते हैं। इसका डिजाइन बनाया गया है और इसे अप्रूवल मिल गया है। हम कई तरह से काम कर रहे हैं। बारकोट साइड से काम करने में दिक्कतें आ रही है। ड्रिल करने वाली अमेरिकी ऑगर मशीन के टटने के कारण सिलवया सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के अभियान में आए व्यवधान के बाद अब चार योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था, जिससे इसमें काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए थे और उन तक पहुंचने की कोशिशों में बार-बार अड़चनें आ रही हैं।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि फंसे मजदूरों को सुरंग से बाहर निकालने की पहली योजना में ऑगर मशीन के फंसे हिस्से को काटकर निकाला जाएगा जिसके बाद मजदूर छोटे उपकरणों के जरिए हाथों से खुदाई कर मलबा निकालेंगे। उन्होंने बताया कि दूसरी योजना में सुरंग के ऊपरी क्षेत्र में 82 मीटर की लंबवत खुदाई की जाएगी और इसके लिए मशीन का प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है तथा मशीन के एक हिस्से को वहां पहुंचा भी दिया गया है। उनके मुताबिक, इस योजना पर रविवार को काम शुरू हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि तीसरी योजना के तहत सुरंग के बड़कोट छोर की ओर से खुदाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और यह करीब 500 मीटर का हिस्सा है और इस अभियान में भी 12 से 13 दिन लगने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि चौथी योजना में सुरंग के दोनों किनारों पर समानांतर ( क्षैतिज ) ड्रिलिंग की जाएगी और इसका सर्वेक्षण हो चुका है तथा रविवार को इस योजना पर भी काम शुरू किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि ड्रिलिंग के दौरान अमेरिकी ऑगर मशीन अवरोधक की जद में आने से टूट गई और उसका 45 मीटर हिस्सा 800 मिमी पाइप के भीतर फंस गया। ड्रिल करने वाली अमेरिकी ऑगर मशीन के टूटने के कारण सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के अभियान में आए व्यवधान के बाद अब चार योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।







