सौभाग्य योजना के तहत करोड़ों उपभोक्ता सस्ती बिजली के इंतजार में हुए निराश
लखनऊ, 1 फरवरी: देश में आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से वर्ष 2024 का अंतिरम बजट पेश किया गया। जिसमें यह ऐलान किया गया कि एक करोड़ परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल उनके घरों में लगाकर उन्हें 300 यूनिट मुक्त बिजली मिलेगी।
वास्तव में पूरे देश में लगभग 32 करोड़ विद्युत उपभोक्ता हैं इसके पहले भी केंद्र द्वारा ‘पीएम कुसुम योजना’ का ऐलान किसानों के लिए किया गया था और कहा गया था कि इससे किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध होगी लेकिन सही मामले में पीएम कुसुम योजना किसानों की सफल नहीं हो पाई! उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि आने वाले समय में इस योजना की सफलता भी केंद्र सरकार की सब्सिडी पर निर्भर करेगी। इसलिए पुरानी योजनाओं को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि इससे यह सिद्ध है कि इसे कोई बहुत बडा क्रांतिकारी निर्णय नहीं कहा जा सकता। पूरे देश में सौभाग्या योजना के तहत करोड़ों विद्युत उपभोक्ता देश के इस इंतजार में थे कि इस अंतिम बजट में सरकार कोई बडा ऐलान करेगी जिससे उनके लिए बिजली सस्ती हो जाएगी लेकिन उन्हें निराशा मिली।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा इसके पहले जब किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना लाई गई थी, तो केंद्र सरकार की तरफ से जो निधियां जारी की गई थी वह बहुत कम थीं जहां पूरे देश में वर्ष 2020-21 के लिए लगभग 156 करोड वहीं वर्ष 2021-22 के लिए लगभग 406 करोड और वहीं वर्ष 2022-23 के लिए लगभग 801 करोड निधि जारी की गई थी।
वहीं वर्ष 2023- 24 में यह घटकर केवल 131 करोड ही रह गई, उन्होंने कहा कि इसमें बात करें उत्तर प्रदेश की तो वर्ष 2022-23 के लिए उत्तर प्रदेश में कोई भी निधि आवंटित नहीं की गई वहीं वर्ष 2020-21 में लगभग 15 करोड वर्ष 2021-22 में लगभग 13 करोड और वर्ष 2022-23 में लगभग 82 करोड निधि जारी की गई थी इसलिए यह कहना उचित होगा कि यह योजना भी आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित सब्सिडी पर ही निर्भर करेगा सब मिलकर ऊर्जा क्षेत्र के लिए अंतिम बजट में कोई क्रांतिकारी निर्णय सामने नहीं आया है और यह कहना उचित होगा कि ऊर्जा क्षेत्र को अंतरिम बजट में निराशा लगी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत 1करोड घरों में सोलर पैनल लगाकर 300 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान कोई बडा क्रांतिकारी निर्णय नहीं क्योंकि इसके पहले किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना नहीं हो पाई थी सही मायने में पूरी तरह सफल इसका भी हाल आगे केंद्र की सब्सिडी पर होगा निर्भर।







