लखनऊ। जहां एक तरफ प्रदेश सरकार महिलाओ के सम्मान के लिए कार्यक्रम चला रही है, वही दूसरी तरफ उसकी पुलिस ने उन्ही से अभद्रता कर रही है। इसकी नजीर शनिवार को पुलिस ने तब पेश की, जब यूपी के विभिन्न जिलों से आईं भारी संख्या में संविदाकर्मी एएनएम कार्यकत्रियों ने सड़क जाम करके हंगामा काटना शुरू कर दिया। संविदाकर्मी एएनएम कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और उनके बीच तीखी झड़प हुई। मौके पर पहुंची महिला पुलिसकर्मियों ने पहले उन्हें रोड से हटाने की गुजारिश की लेकिन वह नहीं हटीं। इस दौरान दोनों तरफ से खींचातानी मच गई तो पुलिसकर्मियों ने एएनएम कार्यकत्रियों की टांगे पकड़कर रोड से हटाया। इस दौरान काफी देर तक अफ रा-तफ री का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारी महिलाएं मुंह पर दुपट्टा बांधकर प्रदर्शन कर रहीं थीं। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगे शीघ्र नहीं मानी गईं तो सभी सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लेंगे। हालाकि बाद में पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हे किनारे किया, तब जाकर कही यातायात सुचारू रूप से चल सका। इस दौरान कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।
उत्तर प्रदेश संविदा एएनएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पिंकी सरकार ने बताया कि उनका संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से संबद्ध है। पिछले कई दिनों से संगठन के बैनर तले संविदाकर्मी महिलाएं अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर वजीरगंज स्थित परिवार कल्याण भवन में धरना प्रदर्शन कर रहीं थीं। यहां कोई जिम्मेदार जब उनकी सुनने नहीं आया तो सभी प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और शनिवार सुबह हजरतगंज चौराहे पहुंचे। यहां पहले सभी ने मानव श्रंखला बनाकर चौराहे को जाम कर दिया। इससे यातायात व्यवस्था चौपट हो गई। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानीं। इसके चलते महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें खदेड़ा और जबरन टांगे पकड़कर खींचा। घंटों चले बवाल के बाद प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया है। प्रदर्शन के काफी देर बाद यातायात बहाल हो सका।







