- आगामी 12 अक्टूबर को व्यापक बिजली दर बढ़ोत्तरी पर किसान मण्डी भवन स्थित सभागार गोमती नगर में आयोजित सार्वजनिक सुनवाई में बिजली दर बढ़ोत्तरी पर उपभोक्ताओं का पक्ष रखने के लिये उपभोक्ता परिषद ने कसी कमर।
- उपभोक्ता परिषद ने बिजली दर बढ़ोत्तरी रोकने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत आयोग को सिफारिश भेजने की उठायी मांग।
- उपभोक्ता परिषद का ऐलान सुनवाई में रखेंगे ऐसे साक्ष्य जिससे बिजली कम्पनियों की खुलेगी पूरी पोल।
लखनऊ 9 अक्टूबर। प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में लगभग 350 प्रतिशत किसानों की 80 प्रतिशत व घरेलू शहरी विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित किये जाने के मुद्दे पर उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा कानपुर नोएडा बनारस में सार्वजनिक सुनवाई में आम जनता की राय लिये जाने के बाद दिनांक 12 अक्टूबर को किसान मण्डी भवन स्थित सभागार, गोमती नगर में 11 बजे से बिजली दर बढ़ोत्तरी पर सार्वजनिक सुनवाई विद्युत नियामक आयोग द्वारा आयोजित की गयी है, जिसमें प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील है कि विद्युत दर बढ़ोत्तरी का विरोध करने व अपना सुझाव/पक्ष रखने के लिये सुनवाई में भाग लें। जिससे बिजली कम्पनियों की पोल खुल सके। उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री जी से बिजली दर बढ़ोत्तरी को रोकने के लिये विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत लोक महत्व का विषय मानते हुए आयोग से सिफारिश करने की उठायी मांग।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से लम्बे समय से संघर्ष कर रहे उपभोक्ता परिषद द्वारा सार्वजनिक सुनवाई में व्यापक बिजली दर बढ़ोत्तरी पर विधिक रूप से सबूतों के साथ उपभोक्ताओं का पक्ष रखने के लिये पूरी तैयारी कर ली गयी है। जिसमें यह सिद्ध कर दिया जायेगा कि बिजली कम्पनियों द्वारा मनगढ़ंत आंकड़ों के आधार पर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं पर अपनी अक्षमता का खमियाजा डालने की कोशिश की गयी है। उपभोक्ता परिषद की तरफ से चाहे वह बिजली खरीद का मामला हो, अनाप शनाप मीटर खरीद का मामला हो, बिजली चोरी का मामला हो, लाइन लाॅस का मामला हो, बिजली कम्पनियों के घाटे का मामला हो, सब्सिडी का मामला हो व बिजली दर सम्बन्धी जो भी अहम मामले होंगे, उन्हें विस्तार से सुनवाई में रखा जायेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने पुनः एक बार उप्र के मा. मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी से यह मांग उठायी है कि व्यापक बिजली दर बढ़ोत्तरी पर उपभोक्ताओं के हित में रोक लग सके, राज्य सरकार द्वारा इस मुद्दे को लोक महत्व का विषय मानते हुए विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत नियामक आयोग से बिजली दर बढ़ोत्तरी न करने की सिफारिश करनी चाहिए और यह इसलिये भी आवश्यक हो गया है कि इस महंगाई के दौर में प्रदेश का आम उपभोक्ता, ग्रामीण व किसान बेहाल है।







