(विश्व योग दिवस 21 जून पर ख़ास)
योग सेहत के लिए वरदान माना जाता है। योग करने से न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। योग कई तरह से किया जाता है। आज हम आपको वॉटर योगा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अक्का योगा या पूल योगा भी कहा जाता है। इसे पानी में, विशेष रूप से स्विमिंग पूल या किसी अन्य जलाशय में किया जाता है। यह पारंपरिक योगासनों को पानी की हीलिंग और सपोर्टिव शक्ति के साथ मिलाकर किया जाता है, जिससे शरीर और मन दोनों को लाभ मिलता है।
वॉटर योगा क्या है?
यह योग की वह शैली है जो पानी के अंदर या पानी की सतह पर की जाती है। इसमें सामान्य योगासन जैसे वृक्षासन, ताड़ासन, वॉरियर पोज आदि को पानी में संतुलन बनाकर किया जाता है। पानी शरीर को सपोर्ट देता है, जिससे आसनों को आसानी से किया जा सकता है वॉटर योगा एक बेहतरीन तरीका है शरीर को सहजता, शक्ति और शांति देने का यह न सिर्फ शरीर को लचीला और फिट बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सुकून देता है। पानी में योगा करने के फायदे पानी का बायोयेंसी प्रभाव शरीर का भार कम कर देता है, जिससे जोड़ों पर तनाव नहीं पड़ता।
वहीं पानी की लहरें और तापमान शरीर की मांसपेशियों को सहारा और आराम देती हैं। पानी में रहने से मन शांत रहता है और मानसिक तनाव कम होता है। पानी में आसनों को करने बॉडी बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होती है। पानी में योग करते समय शरीर अधिक मेहनत करता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है और फिटनेस से बढ़ती है।
इन लोगों के लिए फायदेमंद है वॉटर योगा
- बुजुर्ग लोग जिनके घुटनों या पीठ में दर्द होता है।
- प्रेग्नेंट महिलाएं (डॉक्टर की सलाह के बाद) ।
- वजन कम करना चाहने वाले लोग।
- थकान, तनाव या अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति।
योग में नए शुरूआत करने वाले लोग, क्योंकि पानी सहारा देता है। वॉटर योगा करते समय ध्यान देने योग्य बातें प्रशिक्षित योग शिक्षक की निगरानी में करें।
- योग गहराई कम वाले पूल या पानी में ही करें।
- सांसों और गति पर फोकस रखें।
शरीर को हाइड्रेटेड रखें।







