पहले चरण के मतदान के दौरान हंगामा, वीडियो वायरल; राजवीर बोले-“ये लोकतंत्र बचाने का संदेश” EC ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
लखीसराय: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मतदान के दौरान एक और विवादास्पद घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह को लखीसराय के एक मतदान केंद्र से गुस्साए मतदाताओं ने ‘वोट चोर’ के नारों के साथ भगा दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि भीड़ सिंह के काफिले को घेर लेती है और उन्हें बूथ से बाहर जाने को मजबूर कर देती है।

घटना गुरुवार दोपहर की है, जब सिंह मतदान केंद्र का दौरा करने पहुंचे। ग्रामीणों ने उनका विरोध शुरू कर दिया और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। एक वीडियो में दिखा कि मतदाता चिल्ला रहे हैं, “तुम्हें वोट नहीं देंगे, पहले काम तो करो!” सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर सिंह को सुरक्षित बाहर निकाला। विपक्षी नेता दिनेश शुक्ल ने इसे जनता का गुस्सा बताया, जबकि सोशल मीडिया यूजर राजवीर ने X पर लिखा: “जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है ‘वोट चोर’ के नारे भगाने से ज्यादा, लोकतंत्र को बचाने का संदेश हैं। बिहार की ताकत यही है, जब जरूरत पड़े तो बूथ से लेकर संसद तक आवाज बुलंद!”
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सिंह ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विपक्ष की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “ये RJD और महागठबंधन के गुंडे हैं, जो वोटरों को डरा-धमका रहे हैं। लेकिन NDA की जीत तय है।” ग्रामीणों का आरोप है कि सिंह के शासन में स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, बिजली और रोजगार पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
चुनाव आयोग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन को जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मतदान शांतिपूर्ण होना चाहिए, किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं।” डीआईजी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यह घटना लखीसराय में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर हुए हमले के बाद हुई है, जहां भी विपक्ष पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे।
लखीसराय में सिंह का मुकाबला कांग्रेस के अमरेश कुमार से है। पहले चरण में 121 सीटों पर 60.13% मतदान दर्ज हुआ। विपक्ष इसे एंटी-इनकंबेंसी का संकेत बता रहा है, जबकि भाजपा इसे विपक्ष की हार का डर। यह घटना बिहार चुनाव में हिंसा और अनियमितताओं की आशंका को और बढ़ा रही है।







