नई दिल्ली/ह्यूस्टन, 27 मार्च 2026: विश्व के प्रमुख ऊर्जा सम्मेलन CERA Week by S&P Global में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई और वैश्विक साझेदारियों का जोरदार आह्वान किया।
सेरा वीक की ताकत पर अनिल अग्रवाल का खुलासा
अग्रवाल ने कहा, “सेरा वीक (CERA Week) जैसा मंच बहुत कम फोरम देते हैं। यहां कंपनियां कुछ दिनों में वो हासिल कर लेती हैं, जिनमें सालों लग सकते हैं। यहां एनर्जी, प्रतिभा और ‘आओ एक साथ मिलकर इसे अंजाम दें’ की भावना है, जो कहीं और नहीं दिखती।”
भारत को बताया विकास का सबसे बड़ा बाजार
भारत की क्षमता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत की भू-संरचना बेहद मजबूत है। हमारे पास अपार खनिज भंडार, गहन तकनीकी प्रतिभा और ढेरों अवसर हैं। एक समय संसाधनों के विकास को नकारात्मक नजरिए से देखा जाता था, लेकिन अब हम समझ चुके हैं कि विकास और स्थिरता दोनों के लिए खनिज, तेल और गैस बेहद जरूरी हैं।”

अमेरिका से $5 बिलियन निवेश का प्रस्ताव
वेदांता अपनी तेल और गैस कंपनी केयरन ऑयल एंड गैस के विस्तार के लिए अमेरिका से मजबूत सहयोग चाहती है। अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट कहा:
“हम अमेरिका आए हैं ‘शॉपिंग बैग’ लेकर। हम 5 बिलियन डॉलर खर्च करने को तैयार हैं — संपत्तियों के निर्माण, आधुनिक टेक्नोलॉजी हासिल करने और उद्योग के टॉप प्लेयर्स के साथ साझेदारी के लिए। हम पार्टनर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ मिलकर भारत की ऊर्जा क्षमता का पूरा सदुपयोग करना चाहते हैं।”
एक मिलियन बैरल उत्पादन का लक्ष्य
कंपनी की यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने बताया, “पिछले 12 सालों में हमने यह मजबूत, कर्ज-मुक्त प्लेटफॉर्म खड़ा किया है। अब हम आगे बड़े निवेश के लिए तैयार हैं। हमारा लक्ष्य एक मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन पहुंचाना है और आने वाले सालों में कारोबार का पैमाना कई गुना बढ़ाना है।”
अमेरिकी मॉडल की तारीफ और भारत की नीतियों का स्वागत
अग्रवाल ने अमेरिका की ‘कर दिखाने की इच्छाशक्ति’ की सराहना की और कहा कि वहां कंपनियां चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने को तैयार रहती हैं। भारत में नीतिगत बदलाव पर उन्होंने कहा, “डीजीएच अब सिर्फ रेगुलेटर नहीं, फेसिलिटेटर बन रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जी का विजन पूरी तरह बिजनेस-फ्रेंडली है। टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिल रहा है और दुनिया में जो भी नई चीज विकसित हो रही है, उसमें भारतीयता की झलक जरूर दिखती है।”
संदेश साफ है : स्केल, स्पीड और साझेदारी जरूरी
अनिल अग्रवाल का संदेश एकदम साफ था – स्केल, गति और शक्तिशाली विश्वस्तरीय साझेदारियां ही भारत के ऊर्जा भविष्य को साकार कर सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत अपनी विशाल हाइड्रोकार्बन क्षमता का सदुपयोग करके ऊर्जा सुरक्षा हासिल कर सकता है।
बता दें कि यह बयान CERA Week 2026 के मेनस्टेज पर दिया गया, जहां वैश्विक ऊर्जा नेता एकत्रित हुए थे। अब सभी की नजरें वेदांता और केयरन की आगामी साझेदारियों और भारत सरकार के समर्थन पर टिकी हुई हैं।






