#NowForClimate और #DriveHerFuture की हुई शानदार शुरुआत
मुंबई । विश्व पर्यावरण दिवस से ठीक पहले गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप और भामला फाउंडेशन ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनोखी मुहिम शुरू कर दी है। दोनों संगठनों ने #NowForClimate और #DriveHerFuture अभियानों की घोषणा की है, जो जलवायु कार्रवाई और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को एक साथ बढ़ावा देंगे।
UNEP और BMC के समर्थन से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण
“हर फ्यूचर, हर प्लैनेट” कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए #NowForClimate अभियान के जरिए मुंबई में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा समर्थित इस पहल का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के साथ-साथ सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करना है। यह गोदरेज और भामला फाउंडेशन के बीच लंबे समय से चले आ रहे पर्यावरणीय सहयोग का नया अध्याय है।
1,000 महिलाओं को पिंक ई-रिक्शा के जरिए स्वावलंबन
कार्यक्रम में भामला फाउंडेशन की महत्वाकांक्षी पहल #DriveHerFuture भी लॉन्च की गई। इस पहल के तहत महिलाओं को ‘पिंक ई-रिक्शा’ उपलब्ध कराकर स्थायी आजीविका के अवसर पैदा किए जाएंगे और उनकी स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा दिया जाएगा।
गोदरेज ब्लॉक ने 500 महिला ड्राइवर्स के साथ किया हाथ मिलाया
इस मौके पर गोदरेज ब्लॉक ने 500 महिला चालकों के साथ साझेदारी की घोषणा की। ब्रांडेड एक्टिवेशन्स और फ्रेशनेस किट के जरिए इन महिलाओं का सम्मान किया जाएगा, जो हर दिन शहर की गतिशीलता में अहम भूमिका निभाती हैं। पहल का लक्ष्य कुल 1,000 महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
“सामाजिक प्रभाव और अवसर साथ-साथ”
इस अवसर पर गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चीफ कम्युनिकेशंस ऑफिसर सुजीत पाटिल ने कहा, “गोदरेज में हमारा मानना है कि वास्तविक प्रगति तब होती है जब सामाजिक प्रभाव और अवसर एक साथ मिलते हैं। #DriveHerFuture टिकाऊ गतिशीलता को बढ़ावा देते हुए महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता के नए रास्ते बनाती है। भामला फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमें गर्व की अनुभूति कराती है। हम एक समावेशी, सशक्त और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।”
बता दें कि यह दोहरी पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। मुंबई समेत पूरे देश में इस मुहिम से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।







