नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 19 जून 2026: भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले के बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है। पाकिस्तान ने तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि इस फैसले से उसका खाद्यान्न उत्पादन और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाएगी।
पाकिस्तान की बौखलाहट
पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने UNSC में कहा कि भारत का यह कदम “अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन” है और इससे पाकिस्तान में भुखमरी और पानी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने UNSC से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
भारत का कड़ा रुख
भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला सुरक्षा कारणों और पाकिस्तान द्वारा लगातार आतंकवाद को समर्थन देने के मद्देनजर लिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि कोई भी देश आतंक फैलाते हुए दूसरी ओर पानी की मांग नहीं कर सकता।
सिंधु जल संधि क्या है?
सिंधु जल संधि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी। इसमें भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) पर मुख्य अधिकार दिए गए थे। भारत का हालिया निलंबन इस पूरे समझौते पर सवालिया निशान लगा रहा है।
पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारत इसे द्विपक्षीय मुद्दा मानते हुए किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार कर चुका है।
बता दें कि यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।







