लखनऊ। भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस से त्रस्त उत्तर प्रदेशवासियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अब प्रदेश की सीमा पर दस्तक देने को तैयार है। अगले तीन से चार दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर बारिश-आंधी का दौर शुरू हो सकता है।
पूर्वी UP में सबसे पहले बरसेगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 23 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा मध्य भारत और बिहार तक पहुंच चुकी है। परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, इसलिए गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बलिया, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी समेत आसपास के जिलों में सबसे पहले मानसून की एंट्री होने की संभावना है।
इन इलाकों में बादल छाएंगे, तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी आशंका है।
लखनऊ-कानपुर में प्री-मानसून सक्रिय, उमस के साथ छुटकारा
राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई और सीतापुर में भी दोपहर बाद या शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश-बूंदाबांदी के आसार हैं। दिन में उमस भले ही बनी रहे, लेकिन शाम को होने वाली बारिश से तापमान गिरेगा और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी UP को अभी थोड़ा और इंतजार
मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे पश्चिमी जिलों में मानसून पहुंचने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। हालांकि यहां भी बादलों की आवाजाही रहेगी और कहीं-कहीं धूलभरी आंधी या हल्की बारिश हो सकती है।
बुंदेलखंड में भी मिलेगी गर्मी से छुटकारा
झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लंबे समय से सूखे पड़े इलाकों को यह बारिश राहत देगी।
सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गरज-चमक और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। किसानों और खुले में काम करने वालों को नियमित अपडेट चेक करते रहना चाहिए।
मानसून की आगे की राह:
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एंट्री के बाद यह धीरे-धीरे मध्य भागों की ओर बढ़ेगा। पश्चिमी UP में पहुंचने में थोड़ा समय लग सकता है। पूरी गति समुद्री हवाओं और वायुमंडलीय सिस्टम पर निर्भर करेगी।
फिलहाल अब गर्मी के आखिरी दिनों का इंतजार बस कुछ ही दिन का है। मानसून की बारिश न सिर्फ गर्मी कम करेगी बल्कि किसानों के चेहरे भी चमका देगी।







