एक रईसज़ादे की लापरवाही ने एक माँ की पूरी दुनिया छीन ली, एक माँ का टूटता दिल: साहिल धनेश्वर की मौत ने न्याय की पुकार लगा दी
दिल्ली के द्वारका में 3 फरवरी 2026 को एक तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो SUV ने 23 वर्षीय साहिल धनेश्वर की मोटरसाइकिल में भीषण टक्कर मार दी। साहिल मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी? एक 17 वर्षीय नाबालिग, जो कथित तौर पर स्पीड और रील बनाने के चक्कर में गाड़ी चला रहा था। उसके खिलाफ पहले से 13 चालान थे, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
साहिल की माँ, इनना मकान (सिंगल पैरेंट), अब सड़कों पर उतर आई हैं। पोस्टर में बने बेटे की तस्वीर से लिपटकर रोती हैं, बार-बार कहती हैं- “मेरे बेटे के साथ नाइंसाफी हुई है… हम इंडिया में हैं, हमें बाहर खड़े होने की ज़रूरत है।” यह सिर्फ़ दर्द की पुकार नहीं, बल्कि पूरे देश से एकता और न्याय की मांग है। अस्पताल के गलियारे में आखिरी बार बेटे को गले लगाने नहीं दिया गया – वह घाव आज भी ताज़ा है।
एक माँ के आँसू थम नहीं रहे हैं क्योकि उसका बेटा वापस नहीं आया, वो सड़को पर न्याय मांग रही है उसने कहा मेरे बेटे के साथ नाइंसाफी हुयी है वो पोस्टर में बने अपने बेटे की तस्वीर से लिपट कर रो पड़ती है,अपने बेटे को वापस पाने को लेकिन इन्साफ नहीं मिला ?
माँ का कहना है: “एक रईसज़ादे की लापरवाही ने मेरी पूरी दुनिया छीन ली। आरोपी को जमानत मिल गई, लेकिन मेरे बेटे को कौन लौटाएगा?”
एक माँ बार-बार न्याय की गुहार लगा रही हैं अपने बेटे की तस्वीर से लिपटकर रोती हैं और कहती हैं कि “मैंने 23 साल अकेले पाला, अब न्याय चाहिए।” उनका दर्द यह है कि साहिल उनके लिए सब कुछ था, और अब वो अकेली रह गई हैं।
सोशल मीडिया पर :
#JusticeForSahil ट्रेंड कर रहा है- लोग कह रहे हैं, “एक माँ के आँसू कमज़ोरी नहीं, तूफ़ान हैं।” CCTV फुटेज में स्पष्ट है कि SUV ब्रेकनेक स्पीड में थी, रील स्टंट के लिए।
यह मामला सिर्फ़ एक हादसा नहीं बल्कि यह लापरवाह ड्राइविंग, अमीरों की मनमानी और सिस्टम की कमज़ोरी का आईना है। क्या बार-बार चालान वाले को गाड़ी चलाने की इजाज़त मिलनी चाहिए? क्या माँ का दर्द अनसुना रह जाएगा?
साहिल एक महत्वाकांक्षी युवा था उसके कमरे में आज भी किताबें, सपने और पोस्टर वैसे ही हैं, जैसे वह कल लौट आएगा। लेकिन माँ जानती हैं, वह कभी नहीं लौटेगा।
बता दें कि साहिल उनकी एकमात्र संतान थे वही उनका इकलौता बेटा और उनका पूरा संसार। जानकारी के अनुसार परिवार में कोई अन्य सदस्य जैसे पिता, भाई-बहन के बारे में सूचना उपलब्ध नहीं है। माँ ने खुद कई इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वे अकेली माँ के रूप में बेटे को बड़ा किया और अब उनके जाने से उनका पूरा जीवन उजड़ गया है।
साहिल के पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं है (शायद पहले से अलगाव या निधन), और कोई भाई-बहन होने का जिक्र कहीं नहीं है।
आप भी देश की आवाज़ बनिए और न्याय के लिए खड़े होइए। क्योंकि एक माँ का आँसू थम नहीं रहा, और यह थमना नहीं चाहिए जब तक इंसाफ़ न मिले।






