मामला वायरल: पिता की पिछले साल जुलाई में कैंसर से मौत हो चुकी है
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के सलोन क्षेत्र में निमिषा कान्वेंट स्कूल ने 11वीं कक्षा की छात्रा अनुष्का को बकाया फीस (करीब 61-63 हजार रुपये) के कारण परीक्षा देने से रोक दिया। अनुष्का के पिता की पिछले साल जुलाई में कैंसर से मौत हो चुकी है, जिसके बाद परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई। तीन महीने से वह स्कूल नहीं जा पा रही थी, लेकिन परीक्षा के दिन पहुंची तो प्रिंसिपल और मैनेजर ने अन्य छात्रों के सामने अपमानित करते हुए कहा कि “तुम इस स्कूल में पढ़ने लायक नहीं हो, घर जाओ, काम करो या खुश रहो!”

अनुष्का ने तहसील पहुंचकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हो गया है, जहां लोग नाराज हैं – “प्राइवेट स्कूल वाले गरीबों की मजबूरी नहीं समझते”, “शिक्षा का अधिकार सबका है, फीस के नाम पर भविष्य बर्बाद नहीं किया जा सकता”। स्कूल प्रशासन का कहना है कि कक्षा 9 से बकाया है, लेकिन पिता की मौत के बाद कक्षा 10 में छूट दी गई थी।
यह घटना सवाल उठाती है कि क्या शिक्षा सिर्फ अमीरों के लिए है? अनुष्का जैसी मेधावी छात्रा का भविष्य अब दांव पर है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत हस्तक्षेप करे, फीस माफी या वैकल्पिक व्यवस्था दे, ताकि कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।






