सावन में काशी संवाद

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री

काशी में दिया गया नरेंद्र मोदी का एक बयान बहुत चर्चित हुआ था। इसमें काशी से जुड़े प्रतीकों के प्रति उनकी आस्था उजागर हुई थी। पहली बार यहां से चुनाव लड़ने आये मोदी ने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है,काशी शिव जी की नगरी है। उनकी जटाओं से गंगा जी का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। नरेंद्र मोदी ने एक साथ सबका स्मरण किया था।

आज इसमें एक अन्य प्रतीक जुड़ा। सावन माह शिव जी को प्रिय है। इस महीने काशी में आध्यात्मिक उत्सव जैसा माहौल रहता है। मोदी ने काशी के लोगों से ऑनलाइन संवाद किया। प्रारंभ में का उल्लेख किया। सावन महीना चल रहा है। ऐसे में बाबा के चरणों में आने का मन हर किसी को करता है। लेकिन जब बाबा की नगरी के लोगों से रूबरू होने का मौका मिला है तो ऐसा लगता है कि आज मेरे लिए एक दर्शन करने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ है। उन्होंने काशी के लोगों को भगवान भोले नाथ के इस प्रिय महीने की शुभकामनाएं दी।

नरेंद्र मोदी ने अभिभावक के रूप में सलाह भी दी। कहा हम सिंगल यूज प्‍लास्टिक से मुक्ति चाहते हैं। अब रास्‍तों पर थूकना और उसमें भी हमारा बनारसी पान,हमें आदत बदलनी पड़ेगी। दो गज़ की दूरी, गमछे या फेस मास्क और हाथ धुलने की आदत को छोड़ना नहीं है। इसको हमारे संस्‍कार बना देना है,स्‍वभाव बना देना है। मोदी ने विकास का भी प्रसंग उठाया। कहा कि हम सभी के प्रयासों से हमारी काशी भारत के एक बड़े निर्यात हब के रूप में विकसित हो सकती है। काशी को हम आत्मनिर्भर भारत अभियान की प्रेरक स्थली के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।

सरकार के हाल के फैसलों के बाद यहां की साड़ियां व अन्य हस्तशिल्प डेयरी,मत्स्य पालन,मधुमक्खी पालन के व्यवसाय के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। बी वैक्स की बहुत अधिक डिमांड दुनिया में है। इसको पूरा करने का प्रयास हम कर सकते हैं। इस समय काशी में ही लगभग आठ हज़ार करोड़ रुपए के अलग अलग प्रोजेक्ट्स पर काम तेज़ी से चल रहा है। टूरिज्म से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स, क्रूज़ टूरिज्म,लाइट एंड साउंड शो,दशाश्वमेध घाट का पुनुरुद्धार,गंगा आरती के लिए ऑडियो वीडियो स्क्रीन लगाने का काम,घाटों पर और भी व्‍यवस्‍था प्रबंधन का काम,ऐसे हर प्रोजेक्ट को तेज़ी से पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

कुछ दिन पहले ही बीस हजार करोड़ रुपए की मत्स्य संपदा योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसका लाभ भी इस क्षेत्र के मछली पालकों को होगा। आज भारत में अस्सी करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इस योजना को नवंबर अंत तक दीपावली और छठ पूजा,यानी तीस नवंबर तक इसको बढ़ा दिया गया है। गरीब को खाना पकाने के लिए ईंधन की दिक्कत ना हो,इसके लिए उज्जवला योजना के लाभार्थियों को पिछले तीन महीने से मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।

गरीबों के जनधन खाते में हजारों करोड़ रुपए जमा कराये गए।श्रमिकों के रोजगार दिया जा रहा है। छोटे उद्योगों को, रेहड़ीठेला लगाने वालों को आसान ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया।

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