Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, August 23
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    माँ के त्याग की अनुपम कहानी, बच्चे को बचाने के लिए दी अपनी जान

    ShagunBy ShagunNovember 6, 2025 Featured No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    A unique story of a mother's sacrifice, she gave her life to save her child.
    सिर्फ सुना था आज देख भी लिया माँ अपने प्राण देकर भी अपने बच्चे की जान बचा सकती हैं
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,231

    तुझे सब है पता मेरी माँ : सचमुच माँ जैसा कोई नहीं, आलवेज रिस्पैक्ट मदर

    नई दिल्ली, 6 नवंबर 2025: आज एक ऐसी घटना सामने आई है, जो हर किसी के दिल को छू गई और माँ के प्रेम व त्याग की मिसाल पेश की। एक गर्भवती महिला, जिनका नाम राधा (काल्पनिक नाम) रखा गया है, ने अपने अजन्मे बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी जान की आहुति दे दी। यह घटना न केवल परिवार के लिए दुखद है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अनमोल सबक भी है।

    राधा को अचानक गंभीर संक्रमण ने जकड़ लिया, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि राधा और उसके बच्चे में से केवल एक को ही बचाया जा सकता है। यह सुनकर परिवार में मातम पसर गया। हर कोई परेशान था, आंसुओं से आंखें भरी हुई थीं। लेकिन राधा, जो दर्द से तड़प रही थी, ने डॉक्टरों से कहा, “मेरा बच्चा मेरी जिंदगी है। अगर वो नहीं रहेगा, तो मैं जीकर क्या करूंगी? कृपया मेरे बच्चे को बचाइए।”

    A unique story of a mother's sacrifice, she gave her life to save her child.
    सिर्फ सुना था आज देख भी लिया माँ अपने प्राण देकर भी अपने बच्चे की जान बचा सकती हैं

    डॉक्टरों ने राधा की इच्छा का सम्मान करते हुए लंबी सर्जरी की। परिणामस्वरूप, उसका बच्चा सुरक्षित पैदा हुआ, लेकिन राधा की हालत और खराब होती चली गई। उसने अपनी आखिरी सांस तक अपने नवजात को देखा और एक मुस्कान के साथ इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आज उसका बच्चा जीवित है, लेकिन राधा का बलिदान हर किसी के लिए अविस्मरणीय है।

    इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें राधा का बच्चा उसके सीने से सटा हुआ है और वह निर्जीव पड़ी है। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। माँ का यह निस्वार्थ प्रेम और त्याग शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। सचमुच, माँ का कर्ज कभी नहीं चुकाया जा सकता।

    लोग हुए भावुक और बोलें :

    1. अंजलि शर्मा @AnjaliSharma22: “ये देखकर मेरी आंखें भर आईं। माँ का प्यार सचमुच अनंत है। राधा जी ने जो किया, वो किसी सुपरहीरो से कम नहीं। “
    2. राहुल वर्मा @RahulVermaLive: “दिल दहला देने वाली कहानी। माँ का बलिदान देखकर लगता है कि इंसानियत अभी जिंदा है। इस बच्चे का जीवन राधा जी की देन है। “
    3. पूजा मेहता @PoojaMehtaLove: “मैं रो रही हूँ। एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ त्याग सकती है, ये आज फिर साबित हो गया। राधा जी को श्रद्धांजलि। “
    4. विक्रम सिंह @VikramSinghReal: “ये वीडियो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देगा। माँ का प्यार अनमोल है, और राधा जी ने इसे साकार किया। सम्मान! “
    5. स्नेहा गुप्ता @SnehaGuptaFan: “माँ का त्याग देखकर मन भर आया। ये बच्चा बड़ा होकर अपनी माँ का गर्व जरूर बढ़ाएगा। राधा जी अमर रहेंगी। “

    बता दें कि यह खबर न केवल राधा के बलिदान को याद दिलाती है, बल्कि माँ के प्रेम की असीम शक्ति को भी दर्शाती है। हम सभी को उनके इस त्याग से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन में निस्वार्थ प्रेम को अपनाना चाहिए।

    Shagun

    Keep Reading

    'Take 5 lakhs, just save my brother...' Kanwariya swept away by the Ganga's strong current; brother stood on the bank, pleading desperately.

    ‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’ गंगा की तेज धार में बह गया कांवड़िया, किनारे खड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा

    Iron rod pierces 3-year-old Kartik’s head; private hospital demanded ₹15 lakh... KGMU doctor saved his life for just ₹25,000.

    3 साल के कार्तिक के सिर में घुसी लोहे की रॉड, निजी अस्पताल ने मांगे 15 लाख… KGMU के डॉक्टर ने सिर्फ 25 हजार में बचाई जान

    Children will get introduced to the world of personal care through play.

    खेल-खेल में पर्सनल केयर की दुनिया से रूबरू होंगे बच्चे

    Lost a leg, but not the spirit! Undertaking the Kanwar Yatra with a prosthetic leg.

    एक पैर गंवाया, हौसला नहीं! कृत्रिम पैर से कर रहे हैं कांवड़ यात्रा

    Voyager's Discovery and the Cosmic Shivling

    वॉयेजर की खोज और ब्रह्मांडीय शिवलिंग

    Husband unable to bear the shock of wife's death; collapses and dies while applying vermilion.

    पत्नी की मौत का सदमा सहे न सका पति, सिंदूर भरते हुए तोड़ा दम

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    August 22, 2026
    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    August 22, 2026

    कोरिया इंडस्ट्री एक्सपो (KoINDEX) 2026 का 27 अगस्त को यशोभूमि में होगा शुभारंभ

    August 22, 2026

    गलगोटियास विश्वविद्यालय ने Microsoft के सहयोग और byteXL द्वारा संचालित उद्योग-एकीकृत AI एवं ML डिग्री का शुभारंभ किया

    August 22, 2026
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading