नई दिल्ली, 23 जून : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शुक्रवार को रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर एक शर्मनाक घटना सामने आई। नांदघाट थाना क्षेत्र के टेमरी गांव के पास मुर्गियों से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और वाहन में फंस गया, लेकिन मौके पर जमा हुए ग्रामीणों और राहगीरों ने उसकी मदद करने के बजाय मुर्गियां लूटना शुरू कर दिया।
लोग वाहन पर चढ़कर मुर्गियां पकड़कर भागने लगे, जबकि घायल ड्राइवर मदद के लिए चीखता रहा। इस अमानवीय घटना का वीडियो किसी राहगीर ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग मुर्गियों को लूटने में इतने व्यस्त थे कि ड्राइवर की सुध लेने वाला कोई नहीं था। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और घायल ड्राइवर को अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने बताया कि अभी तक ड्राइवर की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन वीडियो फुटेज के आधार पर लूटपाट करने वालों की पहचान की जा रही है। इस घटना ने मानवता पर सवाल उठाए हैं, और सोशल मीडिया पर लोग इसे शर्मनाक बता रहे हैं।
कहां गायब हो गयी लोगों की मानवता और नैतिकता
छत्तीसगढ़ की घटना, जहां लोगों ने घायल ड्राइवर की मदद के बजाय मुर्गियां लूटीं, मानवता और नैतिकता के ह्रास को दर्शाती है। स्वार्थ, लालच, भीड़ की मानसिकता, और जिम्मेदारी की कमी इसके मुख्य कारण हैं। नैतिक शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता की कमी भी जिम्मेदार है। हालांकि, शिक्षा और जागरूकता से इन मूल्यों को पुनर्जनन किया जा सकता है।







