लखनऊ : भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती, महंगी दरों और स्मार्ट मीटर से हो रही “लूट” के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शक्ति भवन की ओर मार्च निकाला, जहां पुलिस से झड़प हो गई और कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर इको गार्डन भेज दिया गया।
संजय सिंह के निर्देश पर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के निर्देश पर लखनऊ जिला इकाई ने यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने बिजली संकट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
AAP नेताओं के हमले
- इरम रिजवी (जिलाध्यक्ष) ने कहा कि लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आम नागरिक, किसान, व्यापारी, छात्र और कर्मचारी अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। कई जिलों में 22 से 48 घंटे तक बिजली नहीं आ रही है। जनता देश की सबसे महंगी बिजली दरें चुकाने के बावजूद निर्बाध बिजली नहीं पा रही।
- उन्होंने बाराबंकी की दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बिजली न होने से सड़क किनारे सो रहे एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इसकी उच्चस्तरीय जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
- दिनेश पटेल (निवर्तमान प्रदेश महासचिव) ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री समस्याओं का समाधान करने की बजाय गैर-जिम्मेदार बयानबाजी में व्यस्त हैं। स्मार्ट मीटर से फर्जी बिलिंग और बढ़े हुए बिलों की शिकायतें लगातार आ रही हैं।
यह रहीं मुख्य मांगें
- अघोषित बिजली कटौती बंद हो
- निर्बाध और सस्ती बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- बिजली दरों में वृद्धि पर रोक लगे
- स्मार्ट मीटर एवं फर्जी बिलिंग की निष्पक्ष जांच हो
कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान जोरदार नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेशव्यापी जनआंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रमुख रूप से यह लोग शामिल रहे: दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, नूर सिद्दकी, वसीम सिद्दीकी, प्रितपाल सिंह सलूजा, अनीत रावत, ज्ञान सिंह कुशवाहा समेत कई कार्यकर्ता।यह प्रदर्शन गर्मी के मौसम में बिजली संकट को लेकर विपक्ष की बढ़ती नाराजगी को साफ दर्शाता है।







