किसानों का चक्का जाम कल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
किसान आंदोलन पर अभी कोई बातचीत निर्धारित नहीं : तोमर
नई दिल्ली, 05 फरवरी, 2021: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि केंद्र किसानों के साथ कोई अनौपचारिक बात नहीं कर रहा है। उन्होंने आंदोलन स्थल पर और अधिक बैरिकेड्स लगाने और इंटरनेट को निलंबित करने को स्थानीय प्रशासन से संबंधित कानून व्यवस्था का मुद्दा बताया।
बता दें कि 22 जनवरी को आयोजित सरकार और 41 प्रदर्शनकारी यूनियनों के बीच अंतिम और 11 वें दौर की बैठक बेनतीजा रही। केंद्र सरकार ने किसान यूनियनों से 18 महीने के लिए नए कृषि कानूनों को निलंबित करने के सरकार के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। यह पूछे जाने पर कि सरकार किसान नेताओं से अगले दौर की वार्ता कब आयोजित करेगी, और अनौपचारिक रूप से किसान यूनियनों से कब बात होगी, तो श्री तोमर ने नकारात्मक में जवाब दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तोमर ने बताया कि जब औपचारिक बातचीत होगी, तब हम सूचित करेंगे। किसान नेता सरकार से तब तक बात नहीं करेंगे, जब तक पुलिस और प्रशासन उन्हें परेशान नहीं करेगा और हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा नहीं करता, इस बारे में कृषि मंत्री ने कहा कि किसान नेताओं को दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात करनी चाहिए। मैं कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह मेरा काम नहीं है।
ज्ञात हो कि सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि हम आम सहमति तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हम आपको (किसानों को) प्रस्ताव दे रहे हैं। वह किसी भी वक्त उनके लिए फोन पर भी मौजूद रहेंगे। बातचीत फिर से शुरू करने के लिए किसान नेताओं को कृषि मंत्री को बस एक फोन करना है।
राकेश टिकैत बोले : कृषि कानून वापस ले केंद्र
नए कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में चल रही किसानों की महापंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए लोगों से एकजुट होकर इनका विरोध करने की अपील की।
गद्दी वापसी की मांग कर दी तब सरकार क्या करेगी?
महापंचायत में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, एमएसपी पर कानून बनाने और किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। महापंचायत के मंच से राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इन कानूनों को वापस ले ले, वरना अभी तो हम सिर्फ कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं. अगर गद्दी वापस लेने की बात करेंगे तो सरकार क्या करेगी।
टिकैत ने कहा कि हम सभी गांव में जाएंगे और लोगों को एकजुट करेंगे। जब तक सरकार किसानों की मांग को पूरा नहीं करती तब तक पूरे देश में ऐसी ही महापंचायतें चलेंगी।







