होली समूहो के बने गुलाल से खिलेंगे सभी के चेहरे
लखनऊ : इस बार होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक उड़ान की भी होगी! उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर पूरे राज्य में विशेष ‘होली अभियान’ शुरू किया है। स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियां अब हर्बल गुलाल, अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयां, अगरबत्ती और हस्तशिल्प जैसे उत्पाद बना रही हैं – और इनकी बिक्री से सीधे ‘लखपति दीदी’ बनने की राह पर बढ़ रही हैं।
अभियान का बड़ा लक्ष्य: पूरे राज्य में 5 करोड़ रुपये की बिक्री! विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील और अन्य सरकारी परिसरों में SHG उत्पादों की खास प्रदर्शनियां और बिक्री काउंटर लगाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन, नगर निकाय और विभागों के साथ मिलकर संस्थागत खरीद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हर जनपद को रोजाना बिक्री की अपडेट Google Sheet पर डालने के निर्देश हैं, ताकि राज्य स्तर पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।
खास बात: दीदियां केमिकल-फ्री हर्बल गुलाल बना रही हैं – पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदा, पालक के रस जैसे प्राकृतिक तत्वों से। ये रंग त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते, पर्यावरण-अनुकूल हैं और पूरी तरह सुरक्षित। होली पर बाजार में ऐसे प्राकृतिक रंगों की मांग पहले से बढ़ रही है, और यूपी की दीदियां इसे भरपूर फायदा उठा रही हैं।
मिशन निदेशक ने कहा, “होली जैसे त्योहार पर लोकल उत्पादों को बाजार देना ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करता है। यह अभियान ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर लखपति दीदी लक्ष्य की ओर तेजी से ले जा रहा है।”
यह पहल न सिर्फ महिलाओं की आय बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊर्जा भी देगी। इस होली पर जब आप गुलाल उड़ाएंगे, तो याद रखिएगा – ये रंग सिर्फ चेहरों पर नहीं, बल्कि हजारों दीदियों के सपनों पर भी छा रहे हैं!






