अपने तय काम ईमानदारी से नहीं करना भी भ्रष्टाचार: प्रो. प्रीति सक्सेना
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2020 कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को “सतर्क भारत, समृद्ध भारत” विषय पर ऑनलाइन वाग्मिता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संरक्षक प्रो. प्रीति सक्सेना ने कहा कि भ्रष्टाचार सिर्फ रिश्वत तक सीमित नहीं है बल्कि जब हम अपने तय काम भी ईमानदारी से नहीं करते तो यह भी एक प्रकार का भ्रष्टाचार है। इसलिए हमें यह तय करना होगा कि हम ऐसे कोई काम न करे जो देश की प्रगति में बाधक बने।
विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कुल 22 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में पंजीकरण करवाया। प्रतिभागियों को विषय पर बोलने के लिए कुल छह मिनट का समय दिया गया था। देश को समृद्ध बनाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की सतर्कता व ईमानदारी कितनी आवश्यक है और प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन मे किन बिंदुओं पर सतर्कता बरतनी चाहिए इसपर प्रतिभागियों ने खुलकर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के निर्णायक मडंल में प्रो. शिल्पी वर्मा और प्रो. संगीता सक्सेना शामिल रही।
विश्वविद्यालय की मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रोफेसर प्रीति मिश्रा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि यह सतर्कता सप्ताह सिर्फ इस सप्ताह तक सीमित न रहकर हमारे व्यक्तिगत जीवन में भी लागू हो। हम सदैव सतर्क रहे, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं ।
इस अवसर पर प्रोफेसर संगीता सक्सेना ने कहा कि सतर्कता सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि अन्य पहलुओं जैसे स्वास्थ्य, पर्यावरण, खाद्य सामग्रियों पर रासायनो के अनियंत्रित प्रयोग जैसे मुद्दों पर दिखाने की ज़रूरत है। आज प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने कई ऐसे अहम प्रश्न उठाये, और इन मुद्दों पर भी चर्चा आवश्यक है।
प्रोफेसर शिल्पी वर्मा ने कहा कि आज इस प्रतियोगिता के माध्यम से यह बात स्पष्ट हो गई कि आज का युवा काफी सतर्क है, वह भारत की समस्याओं को बखूबी समझने के साथ ही उनके समाधान की तरफ भी गंभीरता से विचार करते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. राशिदा अतहर, डायरेक्टर डॉ. शशि कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विभाग के शिक्षक डॉ. राजीव सिंह और डॉ. विजय भास्कर ने कार्यक्रम के सुचारू रूप से संचालन के लिए सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम की समन्वयक ले. (डॉ.) राजश्री द्वारा किया गया।







