Home इंडिया अंबेडकर की शिक्षा आज भी प्रासांगिक है : संतोष कुमार सुमन

अंबेडकर की शिक्षा आज भी प्रासांगिक है : संतोष कुमार सुमन

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बिहार सरकार के लुघ सिंचाई व एससी/एसटी कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन ने शुक्रवार को कहा कि भारत रत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर की शिक्षा आज भी प्रासांगिक हैं और एक शांतिपूर्ण, समावेशी व बहुआयामी विश्व व्यवस्था के निर्माण के लिए इसे हमारी संस्कृति और मूल्यों में निहित करने की जरूरत है।

शेरेटॉन दुबई क्रीक होटल टॉवर में भारत रत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर के 130 जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुये संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पूरी दुनिया में डॉ. अंबेडकर की शिक्षा आज भी प्रासांगिक है। हर किसी के लिए समानता की जरूरत है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम बिहार में प्रयत्नरत है। बाबा साहेब के सपनों को जमीन पर उतारने के लिए सरकार और लोगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।

संतोष कुमार सुमन ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विदेश में रह रहे बिहारियों के योगदान की भी सराहना की और अंबेडकरग्लोबल.कॉम (AmbedkarGlobal.com) का एक उदाहरण के तौर पर वर्णन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय संगठन अंबेडकरग्लोबल.कॉम द्वारा किया गया था। पूर्व सांसद व जदयू के जनरल सेक्रेटरी केसी त्यागी और बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

इस अवसर पर जदयू के जनरल सेक्रेटरी त्यागी ने भी डॉ. अंबेडकर की शिक्षाओं का अनुसरण करने पर जोर दिया। त्यागी ने कहा कि हमारा देश कितना विकसित हो चुका है मायने नहीं रखता, डॉ. अंबेडकर से सीखने के लिए हमेशा बहुत कुछ रहेगा।

सेमिनार को संबोधित करते हुये राजीव शुक्ला ने कहा कि युवाओं को डॉ. अंबेडकर से सीखना चाहिए और सच्चाई के लिए बिना किसी भय के लड़ना चाहिए।

समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे बहुत सारे भारतीय नेताओं ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। अंबेडकर ग्लोबल एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना दुबई स्थित प्रसिद्ध सामुदायिक नेता रवि चंद ने किया है। लॉकडाउन के समय उनके द्वारा इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करना और चार्टेड हवाई जहाज की व्यवस्था करना निसंदेह सराहनीय है। यूएई की उनकी टीम में शिवांगी ओझा, विकास कुमार सिंह, मानस कुमार पांडे और शंकर लाल गुर्जर भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि यूएई में लगभग 2.7 मिलियन भारतीय कार्यरत है जिनमें 2 मिलियन सिर्फ मजदूर हैं जो भारत के कमजोर तबके से आते हैं। रवि चांद ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की विचारधारा समाज के किसी एक तबके से संबंधित नहीं है बल्कि सभी तबकों से है। वह सभी भारतीयों के लिए एक आदर्श नेता हैं। हमारा उद्देश्य पूरी दुनिया में जागृति लाना है और हमलोग दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में डॉ. अंबेडकर के कार्यों और विचारधाराओं को पढ़ाने के लिए एक विषय सामग्री पर काम कर रहे हैं।

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