बंद के दौरान फिर गूंज उठी चारों ओर बिहार को विशेष राज्‍य का दर्जा देने की मांग

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  • बिहार को विशेष राज्‍य का दर्जा देने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे पप्‍पू यादव, कराया बिहार बंद
  • जुलूस के दौरान डाकबंगला चौराहे पर बेहोश हुए सांसद
  • हाथी, घोड़ा, टमटम, बैलगाड़ी, ऑटो, मोटर साइकिल जुलूस लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

पटना, 07 जुलाई। बिहार को विशेष राज्‍य का दर्जा देने की मांग को लेकर जन अधिकार पार्टी (लो) के बिहार बंद का व्‍यापक असर राजधानी पटना समेत राज्‍य के सभी जिला मुख्यालयों में दिखा। बंद के कारण कई जगहों पर वाहनों का परिचालन भी ठप रहा। पटना में बिहार बंद का नेतृत्‍व पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने किया।

राजधानी के‍ विभिन्‍न हिस्‍सों से हजारों की संख्‍या में कार्यकर्ता जुलूस के साथ डाकबंगला चौराहा पहुंचे। जुलूस में हाथी, घोड़ा, बैलगाड़ी, रिक्‍शा, आटो से मोटरसाइकिल तक शामिल थे। डाक बंगला चौराहे पर सांसद पप्‍पू यादव तेज गर्मी के कारण बेहोश होकर गिर गये। हालां‍कि बाद में उनकी हालत सामान्‍य हो गई।

इससे डाकबंगला चौराहे पर बंद समर्थकों को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि बिहार के विकास के लिए विशेष राज्‍य का दर्जा दिया जाना जरूरी है। बिहार विशेष राज्‍य के लिए शर्तों को भी पूरा करता है। आज जब केंद्र और राज्‍य में एनडीए की सरकार है, तब बिहार को बिहार का हक देने में देर क्‍यों हो रही है? सांसद ने कहा कि उन्‍होंने बिहार के बंटवारे का शुरू से विरोध किया था। लोकसभा में भी  बिहार के बंटवारे के विधेयक का विरोध किया था और बिहार को विशेष दर्जा दिये जाने की मांग की थी। मगर उन्‍हीं लोगों ने बिहार का बंटवारा कराया और आज विशेष राज्‍य का दर्जा देने की बात पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि विशेष राज्‍य का दर्जा 11 करोड़ बिहारी का हक है और इसके लिए जन अधिकार पार्टी (लो) का अभियान जारी रहेगा। वहीं, श्री यादव ने कहा कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं में निरंतर इजाफा हो रहा है। बलात्‍कार जैसी विभत्‍स घटना की शिकार महिलाएं हो रही हैं। अल्‍पावास गृह में भी लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। सांसद ने कहा कि बिहार में ये मुद्दा क्‍यों नहीं बनता है, जब बिहार की बेटियों की अस्‍मत पर लगातार हमला हो रहा है। कुछ लोग इस पर राजनीति करने से बाज नहीं आते। पिछले दिनों जिस तरह से बिहार में महिलाओं पर अत्‍याचार के मामले बढ़े हैं, उससे प्रशासनिक विफलता और सामाजिक मूल्‍यों की गिरावट का साफ पता चलता है। सरकार सिर्फ कानून के राज्‍य का दावा करती है और मनचले महिलाओं को अपने हवस का शिकार बनाते हैं। आखिर ये कब तक चलेगा।

सांसद ने बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था और नौकरी में व्‍याप्‍त घोटालों को लेकर भी गहरी चिंता जताई और कहा कि बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पूरी तरह चौपट हो गयी है। परीक्षा और बहाली में धांधली और घोटाला बड़े पैमाने पर हो रहा है। नौकरी के लिए परीक्षा लेने वाली संस्‍थाएं भ्रष्‍टाचार का अड्डा बन गयी हैं। बिना पैसे के नौकरी नहीं मिल रही है। ऐसे में बिहार के मेधावी युवाओं का भविष्‍य अंधकार में लटक गया है। उन्‍होंने कहा कि ऐसी अराजक प्रशासनिक व्‍यवस्‍था में बिहार के विकास की कल्‍पना नहीं की जा सकती है।

इससे पहले सांसद श्री यादव अपने समर्थकों के साथ इनकम टैक्‍स चौराहा पहुंचे। वहां से वे घोड़ा पर सवार होकर डाक बंगला चौराहे की ओर आये। पार्टी कार्यकर्ता पाटलिपुत्र गोलंबर से बैलगाड़ी जुलूस, गांधी मैदान से टमटम जुलूस, बोरिंग चौराहे से ऑटो रिक्‍शा जुलूस, कंकड़बाग से घोड़ा जुलूस, अशोक राजपथ से मोटर साइकिल जुलूस, आयकर गोलंबर से सिंघा बाजा जुलूस लेकर डाक बंगला चौराहा पहुंचे।

बंद को समर्थन के लिए राज्‍यवासियों का सांसद पप्‍पू यादव ने दिया धन्‍यवाद

राज्‍यभर में विशेष राज्‍य का दर्जा व विशेष पैकेज, शिक्षा – रोजगार, महिला सुरक्षा, समान शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य आदि के मुद्दों को लेकर आयोजित बिहार बंद को समर्थन देने और सफल बनाने के लिए पार्टी के राष्‍ट्रीय संरक्षक सह सांसद पप्‍पू यादव ने धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, हर एक बिहारी के हक की लड़ाई है। बिहार के भविष्‍य की लड़ाई है।

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