Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, October 18
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    आखिर मुलायम सिंह क्या साबित करना चाह रहे?

    By November 25, 2017Updated:November 25, 2017 ब्लॉग No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 630

    मृत्युंजय दीक्षित

    लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में ऐतिहासिक पराजय के गम से लगता है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व उनका परिवार अभी तक उबर नहीं पाया है। सपा मुखिया मुलायम सिंह अपने बयानों से काफी निराशावादी व दिग्भ्रमित प्रतीत हो रहे है। वह अपने बयानों से न तो समाजवादी लग रहे हैं और न ही धर्मनिरपेक्षतावादी। सपा मुखिया इस समय अपने बेटे के मोह से पीड़ित तो दिख ही रहे है। साथ ही साथ उनके मन में देश का प्रधानमंत्री न बन पाने का दुख भी समा गया है तथा अब उन्हेें यह भी लग रहा है कि यदि उप्र और केंद्र में योगी और मोदी की जोड़ी ने लम्बे समय तक शासन कर लिया तो उनके बेटे की रही- सही भविष्य की सभी संभावनायें भी समाप्त हो जायेंगी।

    उप्र व देश की राजनीति में एक समय ऐसा था जबकि सपा मुखिया मुलायम सिंह की बातों का लोग सम्मान करते थे लेकिन अब देश की राजनीति की गंगा में काफी पानी बह चुका है। अब हताश व हाशिये पर पड़े मुलायम सिंह केवल मीडिया मे चर्चा में बने रहने के लिये तथा अपने बेटे को भविष्य में कैसी राजनीति करनी है के गुण सिखा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वह अपने बयानों से अपने कार्यकाल के दौरान किये गये हिंदुओं के नरसंहारों व उसके बाद पूरे उप्र में भड़के दंगों को बड़े ही गर्व के साथ सही ठहरा रहे है। सपा मुखिया के बयान मुस्लिम तुष्टीकरण की चरम सीमा को पार कर रहे हैं। अभी हाल ही में उन्होंने अपनी लगातार कुंठित हो रही मानसिक विकृति का परिचय देेते हुए बयान दिया था कि भगवान राम के प्रति केवल उत्तर भारत में ही आस्था है तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति पूरे भारत में आस्था है।


    सपा मुखिया ने प्रदेश की राजनीति का पूरी तरह से सांप्रदायिक आधार पर विभाजन करने का प्रयास किया है।

    उनके बयानों के आधार पर सपा दल के खिलाफ धर्म आधारित राजनीति करने का मुकदमा चलाया जा सकता है। 2 जनवरी 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय पर एक बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय सुना रखा है। समाजवादी दल की मान्यता के खिलाफ अपील भी की जा सकती है।


    इस बयान की जितनी निंदा की जाये वह बेहद कम है। सपा मुखिया मुलायम सिंह इतने मूर्ख हैं यह उनके बयान से पता चल रहा है। उन्हें यह नहीं पता कि भगवान श्रीराम के प्रति पूरे देश में आस्था है। थाइलैंड, इंडोनेशिया, कंबोडिया, मलेशिया, श्रीलंका सहित विश्व के अधिकांश देशों में भव्य रामलीला का मंचन होता है। अभी मनीला में विश्व के नेताओं के सम्मुख रामायाण का भव्य मनोहारी मंचन किया गया था। जिसे पीएम मोदी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी देखा था । रामायण लोगों को जीवन जीने का तरीका सिखाती है। यदि सपा मुखिया मुलायम सिंह भगवन श्रीकृष्ण के इतने बडे भक्त हैं तो वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि को आजाद क्यों नहीं करवाने का आंदोलन छेड़ रहे। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत की लड़ाई व गीता में कहीं भी इस प्रकार से नरसंहार करने का समर्थन नहीं किया।

    देश की राजनीति में सपा मुखिया मुलायम सिंह जैसा विकृत राजनीतिज्ञ संभवतः नही हुआ होगा लेकिन उनकी श्रेणी में कुछ सीमा तक बिहार के लालू परिवार को रखा जा सकता है। सपा मुखिया का कहना है कि पहली बार सपा को केवल 47 सीटें ही उपलब्ध हुई हैें । उनका यह भी कहना है कि अयोध्या में हिंदुओ पर गोली चलवाने के बाद भी उनको 105 सीटें मिली थीं। वह हिंदुओं पर गोली चलाने की घटना पर अपनी वाहवाही लूटना चाह रहे है। वह मुसलमानों के बीच में यह संदेश देना चाह रहे हैं कि अब उनका बेटा अखिलेश उनके लिए काम करने आ रहा हैं। सपा मुखिया मुलायम सिंह बार- बार यह कह रहे हैं कि अयोध्या में यदि और मारे जाते तो क्या हो जाता। वह बार बार यह दावा कर रह हैं कि उनकी वजह से अयोध्या में बाबरी मस्जिद सही सलामत रही इसलिए मुसलमानों के लिए सबसे मुफीद समाजवादी दल ही है। उन्होंने अपनी जन्मदिन की पार्टी में यह भी कहा कि मुस्लिम समाज के लोग वोट डालने के लिए नही निकल रहे, अब समाजवादियों को इस बात पर ध्यान देना चाहिये ताकि समाजवादी दल की स्थिति मजबूत हो सके।

    सपा मुखिया ने प्रदेश की राजनीति का पूरी तरह से सांप्रदायिक आधार पर विभाजन करने का प्रयास किया है। उनके बयानों के आधार पर समाजवादी दल के खिलाफ धर्म आधारित राजनीति करने का मुकदमा चलाया जा सकता है। 2 जनवरी 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय पर एक बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय सुना रखा है। समाजवादी दल की मान्यता के खिलाफ अपील भी की जा सकती है। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि सपा मुखिया के बयान मुस्लिम तुष्टीकरणका अंतिम प्रयास हैं। वह कारसेवकों पर गोलियां चलवाने की बात कहकर हिंदु तथा हिंदुत्व पर प्रहार करने का काम करते हैें। वर्ग विशेष के वोटों का मोह पुत्र मोह से जुड़कर सांस्कृतिक द्रोह तक पहुंच गया हैं। अब समय आ गया है कि वह रामभक्तों पर गोलियां चलवाने के मामले में मीडिया के माध्यम से अपना अपराध स्वीकार करते हुए माफी मांगे। सपा मुखिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पहुंच भी गयी है। समाजवादियों को यह बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए कि जब- जब उप्र में उनकी पराजय हुई है उसका सबसे बड़ा और प्रमुख कारण अंधाधुंघ मुस्लिम तुष्टीकरण ही रहा है। समाजवादी सरकार में सबसे खराब कानून व्यवस्था रहती है। जब- जब सपा सरकार प्रदेश में आती है अपराध बेतहाशा बढ़ जाते हैं। अखिलेश की सरकार में भू माफिया व खनन माफिया का जबर्दस्त बोलबाला हो गया था। महिलाओं पर अत्याचार व बलात्कार आदि की वारदातंे आम हो गयी थीे।

    आज प्रदेश में एक कर्मठ व ईमानदार मुख्यमंत्री की सरकार बनी है तब से समाजवादियों व उनकी सरपरस्ती में पनपने वाले अपराधियों व गुंडों के बुरे दिन आरम्भ हो चुके है। समाजवदी सरकार में धन की लूट मची हुई थी तथा कोई भी विभाग ऐसा नजर नहीं आ रहा जहां घोटाले दर घोटाले न हुये हों। प्रदेश में समाजवादियों की जमीन अब खिसकती जा रही है तथा निकाय चुनावों के बाद सपा की हालत और बुरी हो सकती है। यह बात अलग है कि कालेधन और बेनामी संपत्तियों के बल पर समाजवादी अभी एक दो चुनाव बड़े आरम से लड़ सकते हैं । आज की तारीख में सपा मुखिया ने जिस प्रकार से हिंदुओं की हत्या करवाकर अपने आप को बेहद गौरवान्वित महसूस किया है उससे उनकी छवि को गहरा आघत लगा है ।

    सपा मुखिया के बयानों से मुस्लिम समाज भी हतप्रभ व असहज हो रहा है। मुस्लिम समाज भी अब अपने आप को इन दलों के बंधनों से मुक्ति चाह रहा है जो केवल उसको अपना वोट बैंक मानकर बंधक बनाकर रखना चाह रहा है। अब समय आ गया है कि सपा मुखिाया यदि अपने बेटे का भविष्य बचाना चाहते हैं तो धैर्य पूर्वक शांत रहें तथा अब शांति के साथ अपना जीवनयापन करें और जनता को भी करने दें। इसी में समाजवादियों की भलाई है। अब देश व प्रदेश की राजनीति में सपा मुखिया की भूमिका व महत्व का अवान हो चुका है। कोई भी उनको गंभीरता से नहीं ले रहा।

    Keep Reading

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    October 18, 2026
    JUST CORSECA enters the home entertainment market: Launches affordable smart projectors

    होम एंटरटेनमेंट बाजार में JUST CORSECA की एंट्री: लॉन्च किए किफायती स्मार्ट प्रोजेक्टर

    October 18, 2026
    Deaths of five members of the same family in Noida spark a sensation; talk of hunger and financial distress raises questions.

    नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी, भूख और आर्थिक तंगी की चर्चा ने उठाए सवाल

    October 17, 2026
    Major relief for actor Rajpal Yadav from the Supreme Court in a cheque bounce case; court orders the release of his passport.

    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश

    October 16, 2026

    दिल की सेहत: खून का गाढ़ापन दूर करने और उसे प्राकृतिक रूप से पतला रखने के आसान उपाय

    October 16, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading