डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रयागराज अपनी सांस्कृतिक विरसत के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जब विश्व के अन्य देशों में मानव सभ्यता का विकास नहीं हुआ था, उस समय यहां का संगम तट वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अनुसंधान का केंद्र था। यहाँ हमारे ऋषियों ने दुर्लभ ऋचाओं की रचना की थी। प्रयागराज का कुम्भ भी विश्व के लिए जिज्ञाषा का विषय रहा है। यह जल और पर्यावरण के संवर्धन और संरक्षण का सन्देश भी था। इसकी प्रासंगिकता आज पहले से अधिक है। नौ अगस्त को इसी संगम तट से पौधा वितरण का भी प्राकृतिक सन्देश है। इसे पर्यावरण महाकुंभ का नाम दिया गया। पौधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की गई। भारत छोड़ो आन्दोलन की स्थत्तरहवीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति में वृक्षारोपण महाकुम्भ के अन्तर्गत पौधरोपण किया गया। प्रयागराज स्थित परेड ग्राउण्ड में निःशुल्क पौध वितरित किये जाने के कार्यक्रम में छह घण्टे में एक ही स्थल पर छिहत्तर हजार आठ सौ तेईस निःशुल्क पौध वितरित कर विश्व रिकाॅर्ड बनाया गया। इस उपलब्धि को गिनीज विश्व रिकाॅर्ड में शामिल किया गया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रदेश में आज एक नहीं चार रिकाॅर्ड बने हैं, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। सुबह नौ से दस के बीच एक घण्टे में पांच करोड़ पौधारोपण कर कीर्तिमान स्थापित किया गया है। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल द्वारा जनपद कासगंज में शुभारम्भ किए गए वृक्षारोपण कार्यक्रम में एक ही स्थान पर एक लाख एक हजार पौध रोपण किया गया, प्रयागराज में एक निश्चित समयावधि में एक ही स्थान पर छिहत्तर हजार आठ सौ तेईस पौध वितरण कर विश्व में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण महाकुम्भ के तहत अभी तक लगभग बाइस करोड़ से अधिक पेड़ लगा दिये गये हैं। प्रयागराज में हजारों की संख्या में निःशुल्क पौध वितरण किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, संस्थाओं व जन सामान्य ने बड़े उत्साह के साथ भाग लेकर अपना मूल्यवान सहयोग दिया।

वृक्षारोपण का कार्य सफलतापूर्वक कर लिया गया है। रोपित किए पौधे को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभानी है। वन है तो जीवन है, इस सिद्धान्त को हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए। प्रयागराज में एक से एक विराट आयोजन हो चुके हैं, जो दूसरों को बड़े आयोजन करने की सीख दे रहे है। वृक्ष लोगों को जीवन प्रदान करते हैं, इसलिए हम सबको वृक्षारोपण कर आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इससे भी अधिक वृक्ष लगाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे वृक्षों का चयन किया जा रहा है, जो सौ वर्ष से अधिक के हो चुके हैं, उनको संरक्षण प्रदान कर दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में वन होने से वर्षा समय से होती है। जीवन के लिए जल जरूरी है और जल के लिए वृक्ष जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास के कार्य करने जा रहे हैं। इन विकास कार्यों में पर्यावरण सुरक्षा एवं स्वच्छता को महत्व दिया जा रहा है। प्रदेश में बाइस करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य साधारण नहीं था, लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए यह असाधारण भी नहीं था। वृक्षों के महत्व को समझने की जरूरत हैम कार्यक्रम में गिनीज वल्र्ड रिकाॅर्ड की टीम द्वारा मुख्यमंत्री जी प्रयागराज में एक समय में, एक ही स्थान पर सर्वाधिक पौध वितरण का नया रिकाॅर्ड दर्ज करने पर प्रमाण पत्र दिया।
बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकारी प्रदर्शनी लगाई गई थी। वृक्षारोपण पर सैंड आर्ट भी बनाई गई थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक सौ पच्चीसवीं जयन्ती को अविस्मरणीय बनाने हेतु गांधी जी की प्रिय वृक्ष प्रजातियों आम, बरगद, नीम, सॉल, महुआ, कल्पवृक्ष, सहजन आदि प्रजातियों का रोपण किया गया। प्रदेशवासियों को वृक्षारोपण से जोड़ने हेतु प्रदेश के प्रत्येक जनपद में पंचवटी स्थापित की गयी। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरणीय लाभ एवं कृषकों की आय में सतत वृद्धि के दृष्टिगत बाइस करोड़ पौध रोपण हेतु प्रदेश के समस्त शासकीय विभागों, न्यायालय परिसरों, कृषकों, संस्थानों, व्यक्तियों, निजी व शासकीय शैक्षणिक संस्थानों, भारत सरकार के विभाग व उपक्रमों, स्थानीय निकायों तथा ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, प्राधिकरण परिषद आदि संस्थानों को वन विभाग की पौधशालाओं से निःशुल्क पौध उपलब्ध कराये गए हैं। वृक्षारोपण महाकुम्भ के अन्तर्गत बाइस करोड़ पौध रोपण से प्रदेश के वृक्षावरण में तीव्र गति से वृद्धि होगी। वृक्षारोपण महाकुम्भ के अन्तर्गत एक दिन में बाइस करोड़ पौध रोपण हेतु कृषकों व वृक्ष उत्पादकों को पौधारोपण व अन्य वानिकी गतिविधियों की तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी देने एवं इस अभियान से जोड़ने हेतु प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
शहरी क्षेत्र में वृक्षारोपण हेतु तैयार की गई नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतवार तैयार किए गए माईक्रोप्लान में आवास विकास, नगर विकास, औद्योगिक विकास, रक्षा विभाग, रेलवे विभाग एवं परिवहन विभाग द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत कृषकों एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थिंयों को वृक्षारोपण महाकुम्भ से जोड़ा गया। पौधों के रोपण हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत का माइक्रोप्लान तैयार किया गया। शहरी निकाय क्षेत्र में माइक्रोप्लान तैयार किया गया। वृक्षारोपण के जियो टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। वृक्षारोपण के उपरान्त स्वतंत्र मूल्यांकन भी कराया जायेगा।
प्रयागराज को तीन गिनीज विश्व रिकाॅर्ड का गौरव पहले ही प्राप्त हो चुका है। वृक्षारोपण महाकुम्भ के रूप में चैथा गिनीज विश्व रिकाॅर्ड बना।







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